झालावाड़ जिले में रबी फसलों, विशेषकर सरसों और गेहूं के लिए यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पहली सिंचाई के समय यूरिया की आवश्यकता को देखते हुए जिले में खाद की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों में यूरिया खाद उपलब्ध है। इसका वितरण कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा है। विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी और कृषि अधिकारी खाद वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाशचंद मीणा ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों द्वारा मांग के अनुरूप खाद की समय पर आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 18 नवंबर को आईपीएल द्वारा लगभग 1340 मीट्रिक टन और इफको द्वारा लगभग 800 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक की आपूर्ति की गई थी। यह खाद पूरे जिले और अधिक मांग वाले स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 24 नवंबर को बारां के रेक पॉइंट से 600 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो रहा है। नर्मदा फॉसकेम द्वारा 400 मीट्रिक टन और कृभको द्वारा 216 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति के लिए एचयूआरएल (HURL) के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। भवानीमंडी रेक पॉइंट पर इफको द्वारा आपूर्तित 1250 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक के वितरण के लिए भी इफको अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सीएफसीएल (CFCL) द्वारा जिले को प्रतिदिन लगभग 450 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा रही है। इस प्रकार, पिछले दिनों जिले में लगभग 4000 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हुई है और वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। आगामी दिनों में एचयूआरएल कंपनी से 800 मीट्रिक टन तथा इफको, कृभको और एनएफएल की रेक से पर्याप्त उर्वरक मिलने की संभावना है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अनावश्यक खाद का भंडारण न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।


