झालावाड़ के कृषि विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका विषय “विकसित भारत 2047 – भारतीय कृषि को वैश्विक बनाने में कृषक उत्पादन संगठन की भूमिका” था। इस दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी के संवाद का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में जिले के 169 कृषकों और कृषक महिलाओं ने भाग लिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. संतोष झाझड़िया ने बताया कि राष्ट्रीय किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है। यह किसानों के अमूल्य योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि जीतमल नागर, अधीक्षण अभियंता एवं पदेन परियोजना प्रबंधक, वाटरशेड सेल कम डाटा सेंटर, जिला परिषद ने जल संरक्षण और जल संग्रहण संरचनाओं के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन, कम्पोस्ट पिट, वर्मीकंपोस्ट यूनिट, फॉर्म पॉन्ड और मेड़बंदी जैसी योजनाओं को अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. वी.सी. प्रहलाद, सहायक आचार्य (कृषि वानिकी), उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, झालावाड़ ने कृषि वानिकी के लाभ बताए, जिसमें वृक्षारोपण से मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि शामिल है। प्रसार शिक्षा वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद युनुस ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कृषक महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। स्वच्छता पखवाड़ा के तहत “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” थीम पर वर्मीकंपोस्ट इकाई का भ्रमण कराकर केंचुओं की खाद निर्माण की विधि समझाई गई। जिले की महिला कृषि उद्यमी सोनिया जैन ने नवाचारी खेती अपनाने पर जोर देते हुए अपनी सफलता की कहानी साझा की, जिसके लिए उन्हें केंद्र द्वारा सम्मानित भी किया गया। डॉ. हितेश मुवाल, पशुपालन वैज्ञानिक ने समन्वित चारा प्रबंधन पर व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. तुलिका आचार्य, गृह वैज्ञानिक ने मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और फूड इंडस्ट्री स्टार्ट-अप के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।


