झालावाड़ शहर के बड़वाले बालाजी मंदिर परिसर में बस्ती क्रमांक 9 के हिंदू समाज द्वारा एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह शोभायात्रा डीजे के साथ बस्ती के विभिन्न क्षेत्रों जैसे प्रेम नगर कॉलोनी, मोटर गैराज, धनवाड़ा क्षेत्र, बसेड़ा मोहल्ला और मुख्य बाजारों से गुजरी। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने जय घोष के साथ पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया। हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता योगेश रावल ने कहा कि हिंदुत्व भारत की आत्मा है। उन्होंने ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ को भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र बताया। रावल ने समाज से जाति-पांति से ऊपर उठकर ‘एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान’ की भावना के साथ संगठित रहने का आह्वान किया। महिला शक्ति की ओर से राष्ट्र सेविका समिति की मिथिलेश तानीवाल ने भाषा, वेशभूषा, भोजन और जीवनशैली को अपनी संस्कृति के अनुरूप अपनाने पर बल दिया। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया। पीपाधाम के पीठाधीश्वर झंकारेश्वर त्यागीदास महाराज ने गो माता की महिमा का वर्णन करते हुए गो पालन, गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोवंश की कमी से समाज और संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। त्यागीदास महाराज ने धर्मग्रंथों के आधार पर सामाजिक समरसता के कई प्रसंग भी बताए। बड़वाले बालाजी मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद धाभाई ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. प्रेमचंद सुमन ने कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बालचंद आर्य ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक प्रमुख रामस्वरूप गौड़, ईश्वर शर्मा, कार्यक्रम संयोजक विनोद धाभाई, राजकुमार शर्मा, महावीर सुमन, मोहित सुमन, ललित साहू, मोहनलाल शर्मा, दिनेश वैष्णव, नितिन पारीक, गगन पंचोली, चौथमल सिन्हम, कृष्णमोहन शर्मा, सत्यनारायण और दुर्गेश नागर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन महा आरती और महाप्रसादी वितरण के साथ हुआ।


