झालावाड़ पुलिस ने सरकारी योजनाओं में साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा किया है। ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के तहत पुलिस ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN), आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (DMIS) और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अकलेरा तहसील और सीएमएचओ कार्यालय झालावाड़ में योजनाओं की आधिकारिक आईडी संचालित करने वाले अधिकृत ऑपरेटर भी शामिल हैं। पुलिस ने इस अपराध में इस्तेमाल हुए कई डिजिटल उपकरण, अपात्र पेंशनभोगियों का संदिग्ध डेटा और फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर मुफ्त स्कूटी वितरण योजना में प्राप्त की गई एक स्कूटी भी बरामद की है। एसपी अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि ‘ऑपरेशन शटरडाउन’ के पहले चरण में मुख्य सरगना रामावतार सैनी का एजेंट कुलदीप ढोली निवासी देवरी खुर्द, थाना घाटोली फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर जिला पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। कुलदीप ढोली को गुना, मध्य प्रदेश से मिली सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने गिरफ्तार किया। इसके अलावा मास्टरमाइंड विक्रम सैनी और रामावतार सैनी के बीच की कड़ी नरेश सैनी पर भी 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इन दोनों आरोपियों को भी एसओजी की मदद से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया कि पूर्व में गिरफ्तार सरगना रामावतार सैनी को आरोपी कुलदीप ने ही तहसीलदार अकलेरा की आईडी उपलब्ध कराई थी। कुलदीप से पूछताछ में पता चला कि तहसील कार्यालय अकलेरा में कार्यरत कनिष्ठ सहायक (रीडर) पंकज कुमार ने कुलदीप को आईडी और ओटीपी दिए थे। कुलदीप ने इस आईडी का एक्सेस रामावतार सैनी को दिया, जिससे बड़े पैमाने पर तहसील से अनुमोदित डेटा को एक्सेस किया जाता था। इस पूरे कार्य में पंकज कुमार भी शामिल था। स्वथ्य के बावजूद कागजों में दिव्यांग जानकारी में आया है कि स्वस्थ और कागजों में पूर्णतया फिट फिर भी योजना के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर राज्य सरकार की योजना में भी आरोपी अवैध उपभोग करना पाया जाने पर एक स्कूटी को भी जब्त किया है। विकलांगता वाले पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह विशेष पेंशन दी जाती है। इस योजना में सर्वप्रथम विकलांगता प्रमाण पत्र (Disability certificate) की आवश्यकता होती है। एक बार दिव्यांग प्रमाण पत्र बन जाने पर इसका दिव्यांग पेंशन पालनहार मुफ्त स्कूटी वितरण जैसी अनेक योजनाओं में लाभ उठाया जा सकता है। दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए ई मित्र से आवेदन के बाद मुख्य विकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अधिकृत आईडी से दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। अभियुक्त रविन्द्र कुमार से अनुसंधान करने पर सीएमएचओ ऑफिस में ऑपरेटर युवराज सिंह ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया जाना पाया जाने पर संविदा कर्मी युवराज सिंह को राउण्ड अप कर प्रकरण में गिरफ्तार किया, जो रविन्द्र कुमार जैसे अपने एजेंट्स से अनुचित लाभ प्राप्त कर आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग कर अब तक हजारों फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर देना सामने आया है। इन फर्जी दिव्यांगों को पेंशन अप्रूवल में तहसील अकलेरा के ऑपरेटर हेमन्त कुमार व उसके एजेन्ट राकेश कुमार की संलिप्तता पाई जाने पर दोनों को डिटेन कर प्रकरण में गिरफ्तार किया। हेमन्त कुमार ने तहसीलदार अकलेरा की आधिकारिक आईडी का दुरूपयोग कर फर्जीवाड़ा करना स्पष्ट हुआ है। जबकि फसल खराबा मुआवजा पेंशन योजनाओं के अतिरिक्त आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (DMIS) पोर्टल में भी फर्जीवाड़ा बाबत गहनता से अनुसंधान करने पर जीतमल निवासी खुरी ने फर्जीवाड़ा करना पाया जाने पर आरोपी को भी प्रकरण में गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि ऑपरेशन शटडाउन के तहत सरगना रामावतार सैनी व मास्टरमाइंड विक्रम सैनी सहित अब तक कुल 47 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके है। इसमें से 40 अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कराया जा चुका है। वर्तमान में 7 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इनको किया गिरफ्तार कुलदीप ढोली (29) पुत्र गजानन्द निवासी देवरी खुर्द थाना घाटोली जिला झालावाड़ ई मित्र संचालक, पंकज कुमार (30) पुत्र शंभूदयाल गुर्जर निवासी सारोला कलां थाना सारोला हाल कनिष्ठ सहायक/ रीडर तहसील कार्यालय अकलेरा, रविन्द्र कुमार (29) पुत्र नन्दलाल लोधा निवासी खुरी थाना कामखेडा जिला झालावाड़ ई मित्र ई मित्र संचालक, युवराज सिंह (41)पुत्र उम्मेद सिंह राजपूत निवासी डिप्टी जी के मंदिर के पास झालावाड, हेमन्त कुमार (23) पुत्र बाबूलाल लोधा निवासी देवरी खुर्द थाना घाटोली, राकेश कुमार (28) पुत्र मांगीलाल लोधा निवसी रानीपुरा थाना घाटोली को गिरफ्तार किया। इस अवसर पर जांच अधिकारी प्रेम कुमार चौधरी और पूरी टीम मौजूद रही।


