सलूंबर जिले के बस्सी झुंझावत गांव स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में बाल विवाह रोकथाम के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ‘100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत हुआ, जिसमें छात्राओं ने बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ ली। यह कार्यक्रम महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर अंजली मेहता के निर्देशन में आयोजित किया गया था। इस दौरान नर्मदा मेघवाल ने छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और समाज पर इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में स्कूल को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं से भी अवगत कराया गया। इनमें मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, उद्यम प्रोत्साहन योजना और लाडो योजना प्रमुख थीं। विभाग की टीम ने छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर और महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की सेवाओं के बारे में भी बताया। उन्हें इन केंद्रों द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता प्रक्रिया और आपातकालीन स्थितियों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने छात्राओं को समाज में बाल विवाह के प्रति जागरूकता फैलाने और किसी भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करने के लिए प्रेरित किया।


