झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग की ऐतिहासिक पहल:पुराने मुकदमों के ‘500 प्रतिशत’ निस्तारण का लक्ष्य, बनेगा देश का मॉडल आयोग

उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण और न्याय प्रक्रिया में गति लाने के उद्देश्य से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झुंझुनूं ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा नवाचार करते हुए इस वर्ष दर्ज होने वाले नए मामलों की त्वरित सुनवाई के साथ-साथ पुराने लंबित मुकदमों के 500 प्रतिशत निस्तारण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। अध्यक्ष मील के अनुसार, यह पहल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की मूल भावना को धरातल पर उतारने और न्याय प्रणाली के प्रति आमजन का विश्वास सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
‘कंज्यूमर्स वॉइस’ अभियान: 30 दिन का जागरूकता का शंखनाद उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए आगामी सोमवार से 30 दिवसीय “कंज्यूमर्स वॉइस जागरूकता अभियान” का आगाज किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु मार्च में आयोजित होने वाली प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत होगी।
प्री-काउंसलिंग पर जोर: लोक अदालत से पहले प्रत्येक लंबित मामले को प्री-काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजारा जाएगा। आपसी सहमति: प्रयास यह रहेगा कि विवादों का समाधान आपसी समझ और लोक अदालत की भावना के अनुरूप हो, जिससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत हो सके। अंतिम निर्णय की तैयारी: जिन मामलों में सहमति नहीं बन पाएगी, उनमें कानूनी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर उन्हें ‘निर्णय की अंतिम अवस्था’ तक पहुँचाया जाएगा। 15 मार्च तक मिशन मोड पर कार्य विश्व उपभोक्ता दिवस (15 मार्च) को मील का पत्थर मानते हुए, आयोग ने रणनीति तैयार की है। अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निर्णित किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों को अपने विवाद सुलझाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग देशभर में एक ‘मॉडल आयोग’ के रूप में अपनी पहचान बना सके। ई-जागृति प्लेटफॉर्म और डिजिटल साक्षरता पर फोकस
उपभोक्ता अब घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें, इसके लिए ई-जागृति प्लेटफॉर्म का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जागरूकता अभियान के तहत केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता पर भी ध्यान दिया जाएगा। विविध कार्यक्रम: स्लोगन लेखन, स्टिकर चस्पा करना, रंगोली प्रतियोगिताएं और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। संवाद कार्यक्रम: मीडियाकर्मियों और अधिवक्ताओं के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित होंगे ताकि उपभोक्ता अधिकारों का संदेश समाज के अंतिम छोर तक पहुँच सके।
हमारा लक्ष्य केवल न्याय करना ही नहीं, बल्कि न्याय को त्वरित और सुलभ बनाना है। झुंझुनूं का यह मॉडल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक नई मिसाल पेश करेगा। मनोज कुमार मील, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता आयोग

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