भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल गुरुवार को डीआईजी आवास पहुंचे और पगार ओपी प्रभारी के विरुद्ध आवेदन दिया । कहा है कि इस मामले पर संज्ञान ले और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी करें।पूरा मामला पगार ओपी प्रभारी विक्की ठाकुर पर आरोप लगाया है कि उसने झूठा आरोप लगाकर यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। क्योंकि उसने कोयला खनन कंपनी के खिलाफ आवेदन दिया था। सांसद मनीष जायसवाल ने मूलचंद साव और उनके परिवार के ऊपर पुलिस प्रताड़ना को लेकर डीआईजी संजीव कुमार को आवेदन दिया है और कहा है कि इस पूरे मामले की तहकीकात कर उचित कार्रवाई की जाए। पूरा मामला कोल कंपनी के जमीन अधिग्रहण से लेकर जुड़ा हुआ है। मूलचंद साव के जमीन और घर कोयला उत्खनन को लेकर अधिग्रहण में गया है। पैसा भुगतान का विरोध करते हुए इन्होंने पगार ओपी में आवेदन दिया था। उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। अंतत उन्होंने ऑनलाइन शिकायत कर दी। सांसद ने बताया कि आवेदन स्वीकार नहीं करने पर आवेदनकर्ता और पुलिस के बीच तू तू मैं में भी हुई। इसी दौरान थाना ने केस करने की धमकी देकर वापस कर दिया। घटना 12 मई की है।पुलिस ने उसी दिन मूलचंद साव के पुत्र शारदानंद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके ऊपर सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाया गया है। मनीष जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि थाना प्रभारी ने आरोप लगाया है कि उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। थाने का सामान फेंक दिया गया। ऐसे में यह भी सवाल खड़ा होता है कि थाने में घुसकर एक व्यक्ति आखिर कैसे कानून विरोधी काम किया और पुलिस उसे जाने दे दी। सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। इस पूरे मामले पर डीआईजी ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।


