वन विभाग की टीम ने एक छह साल के बाघ का रेस्क्यू किया है जिस बाघ का रेस्क्यू किया गया है। उसके पैर में लोहे का फंदा काफी अंदर तक धंस चुका है और यह लोहे का फंदा करीब 20 दिनों पहले शिकारियों के जाल में फंसकर बाघ के पैर में लगा था। 20 दिनों तक लोहे का फंदा पैर में लगे रहने के कारण बाघ के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गये और उसके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया। इस बीच वन विभाग की टीम को सूचना मिली कि एक घायल बाघ जंगलों में घूम रहा है तो बाघ के रेस्क्यू के लिए टीम बनाई गई और बाघ को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया। बाघ को आगे के इलाज के लिए जंगल सफरी भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को खबर दी थी कि जंगल में एक घायल बाघ घूम रहा है। इसके बाद अमले ने कांदुलनार, मोरमेड़ और तोयनार इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायल बाघ के ट्रेस होने के बाद ट्रैंकुलाइज कर बाघ को बेहोश किया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा ने बताया कि बाघ की हालत गंभीर है लेकिन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बाघ के दोनों पैरों में कीड़े पड़ चुके हैं और सड़न शुरू हो गई है। इधर, टाइगर की ट्रेकिंग, टायगर की सुरक्षा सिर्फ कागजों में चल रही है। बफर जोन तक टाइगर रिजर्व अमला पहुंच ही नहीं पा रहा है। टाइगर को ट्रेस करने के लिए पूरे कैमरे तक नहीं लगाये गये हैं। इलाके में हाल के कुछ वर्षों में 4 से ज्यादा बाघों की खाल शिकारियों के पास से बरामद की गई है। इसका मतलब यह है कि शिकारियों ने यहां बाघों को मारा और इसके बाद विभाग सिर्फ खाल बरामद कर पाया। पहली कहानी: जिस युवक की मौत हुई उसने शिकारियों के साथ लगाया था फंदा
कुछ दिनों पहले बीजापुर इलाके में एक बाघ के हमले से एक युवक की मौत हो गई थी। जिस युवक पर बाघ ने हमला किया था उसने बाघ के शिकार के लिए शिकारियों के साथ मिलकर फंदा लगाया था। बाघ जब फंदे में फंसा तो युवक उसके पास भाला लेकर गया था। घायल बाघ ने खुद को बचाने के लिए हमला किया इस दौरान फंदा टूट गया और बाघ के हमले से युवक की मौत हो गई। इस कहानी की पुष्टि कहीं से नहीं हुई है लेकिन बीजापुर के गांव-गांव में यह कहानी चर्चा में है। दूसरी कहानी: टाइगर रिजर्व बोला- गांव वालों के लगाए फंदे में फंसा होगा बाघ
इंद्रावती टाइगर रिजर्व के सीसीएफ आरसी दुग्गा कहते हैं कि बाघ को इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गया है। इलाज शुरू हो गया है। बाघ कैसे घायल हुआ इस पर सीसीएफ का कहना है कि संभवत: बाघ के पैर पत्थरों के बीच में फंस गये होंगे और वह घायल हुआ होगा इसके अलावा एक अंदेशा यह भी है कि जिस स्थान पर बाघ मिला है उसके आसपास के गांवों में जंगली जानवरों से बचाव के लिए ग्रामीणों ने जो फंदा लगाया था बाघ उसकी चपेट में आ गया हो।


