जमशेदपुर में 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश से टाटानगर रेलवे यार्ड में देर रात से भारी जलजमाव हो गया। कई पटरियां पानी में डूब गईं। सिग्नल फेल हो गए। हालात बिगड़ते देख रेलवे ने गुरुवार को टाटानगर होकर चलने वाली 25 ट्रेनों को रद्द कर दिया। आठ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया। दक्षिण बिहार एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई मेल, भुज-शालीमार, कुर्ला-शालीमार समेत 8 ट्रेनों को कांड्रा-चांडिल-पुरुलिया-मिदनापुर होकर चलाया गया। 4 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। इससे टाटानगर स्टेशन पर हजारों यात्री फंस गए। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर हेल्प डेस्क बनाया गया। इधर, राखामाइंस के पास हावड़ा-मुंबई रेल लाइन की डाउन लाइन पर पटरी के नीचे से मिट्टी बह गई। इसकी सूचना मिलने पर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल मिश्रा ने डीआरएम तरुण हुरिया के साथ यार्ड का निरीक्षण किया। राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए 40 स्थानों पर राहत शिविर बने, हेल्पलाइन नंबर जारी इधर, प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 40 से ज्यादा राहत शिविर बनाए हैं। मानगो में 20, जेएनएसी क्षेत्र में 15 और जुगसलाई व बागबेड़ा में 5 स्थानों पर शिविर बनाए गए हैं। सभी शिविरों में पीड़ितों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। नगर निकायों के पदाधिकारियों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है। मानगो नगर निगम ने निर्मल कुमार को नोडल पदाधिकारी बनाया है। उनका मोबाइल नंबर 9334763207 है। राहत केंद्रों में दिनेश्वर यादव, निशांत कुमार और प्रदीप कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है। लोग दिनेश्वर यादव से मोबाइल नंबर 8825387055 पर संपर्क कर सकते हैं। वे राहत शिविर में मदद पहुंचाने का काम देख रहे हैं। कई इलाके में बाढ़ का प्रकोप देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। लोग किसी भी तरह की जानकारी या सूचना के लिए फोन नंबर 0657-2431028 पर संपर्क कर सकते हैं।


