नीमच में एक किसान टावर पर चढ़ गया। उसने धोखाधड़ी के विरोध में ऐसा किया। किसान का कहना है कि उसकी जमीन पर उसका अधिकार नहीं बचा। कहीं सुनवाई नहीं हो रही। इसलिए उसे ऊंचाई से आवाज उठानी पड़ रही है। मामला जावद के सुवाखेड़ा का है। किसान कमलेश डांगी सुबह करीब 7:30 बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। किसान का आरोप है कि कुछ लोगों ने षड्यंत्र कर उसके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसकी जमीन बेच दी। इसमें लाखों रुपए का लेन-देन हुआ, जिसकी जानकारी नहीं दी गई। न उसे रकम दी जा रही है और न ही कोई उसकी समस्या सुन रहा है। धमकियों से परेशान किसान ने उठाया कठोर कदम
किसान का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद न्याय नहीं मिला। इसलिए वह टावर पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही जावद थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस किसान को टावर से नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए हैं। एसडीएम की समझाइश पर टावर से नीचे उतरा युवक मोबाइल टावर पर चढ़े युवक को एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी ने फोन पर बातचीत कर समझाइश दी, जिसके बाद उसे सकुशल नीचे उतार लिया गया। इसके बाद युवक को पंचायत भवन लाया गया, जहां जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें भी बुलाकर पूरे मामले की बातचीत की जा रही है और जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित कमलेश डांगी का कहना है कि उसने अपनी जमीन बेची थी, लेकिन बिक्री के दौरान उसके साथ धोखाधड़ी की गई। वह पढ़ा-लिखा नहीं है और उससे कई कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, जबकि तय रकम उसे नहीं दी गई। आरोप है कि उसे यह कहकर दस्तखत करवाए गए कि पैसे बैंक में जमा कर दिए जाएंगे। पैसे न मिलने से परेशान होकर टावर पर चढ़ा किसान ने बताया कि करीब पांच बीघा जमीन के बदले लगभग 64 लाख रुपए मिलने थे, लेकिन पिछले आठ साल से वह अपने पैसे मांग रहा है और अब तक भुगतान नहीं किया गया। इस संबंध में उसने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर वह न्याय की मांग को लेकर टावर पर चढ़ गया था। पीड़ित के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है तथा जमीन खरीदने वाले पक्ष को भी बातचीत के लिए बुलाया गया है। इसी भरोसे पर वह टावर से नीचे उतरा।


