राजधानी के पावर लिफ्टर विकास प्रधान के साथ हुए पैसे के विवाद में जिला उपभोक्ता आयोग ने नेशनल पावर लिफ्टर्स फेडरेशन पर जुर्माना लगाया है। आयोग ने आदेश दिया है कि फेडरेशन विकास प्रधान को 35 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाए और 20 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दे। दरअसल, शिकायतकर्ता विकास प्रधान का चयन साल 2020 में यूक्रेन में आयोजित एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ था। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उनसे कुल 1.50 लाख रुपए जमा कराए थे, जिसमें हवाई टिकट, एंट्री फीस, होटल, यूनिफॉर्म, वीसा फीस और ट्रांसपोर्टेशन शामिल था। सभी दस्तावेज जमा कराने के बावजूद वीजा स्वीकृति की जानकारी समय पर नहीं दी गई। अंतिम समय में मुंबई से उन्हें वापस भेज दिया गया। इसके बाद कई बार मांग करने पर केवल 1.15 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 35 हजार रुपए यह कहकर रोक लिए कि यह टिकट के किराए की कटौती है। इसके बाद उसने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। टिकट कटौती का दस्तावेज नहीं, यही बना आधार
सुनवाई में आयोग ने माना कि फेडरेशन ने हवाई टिकट कटौती का कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि रकम वैध रूप से काटी गई थी। इसके अलावा वीसा अस्वीकृति की सूचना समय पर न देने को सेवा में गंभीर लापरवाही माना गया। आयोग ने कहा कि इस लापरवाही से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित रह गया, जिससे करियर और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अब केस दर्ज कर सुनवाई में जुड़ सकते हैं ऑनलाइन
रायपुर उपभोक्ता आयोग में अब ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग की सुविधा से उपभोक्ता ऑनलाइन केस दर्ज कर सुनवाई में भी ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। इसके लिए उन्हें ई-जागृति एप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करना होता है। रायपुर उपभोक्ता आयोग में रोजाना औसतन 10-15 केस दायर होते हैं और उतने ही मामलों में सुनवाई भी होती है। पिछले तीन वर्षों में राज्य के सभी जिला उपभोक्ता आयोगों में 10 हजार से अधिक केस दर्ज हुए हैं।


