टिकट ठुकराने वाले पवन सिंह के बर्थडे पर ‘सरकारी बधाई’:ब्रजेश पाठक ने आशीर्वाद दिया, मनोज तिवारी ने गीत गाए, बृजभूषण ने पगड़ी पहनाई

लोकसभा चुनाव में भाजपा का टिकट ठुकराने वाले भोजपुरी स्टार पवन सिंह का लखनऊ में जन्मदिन मनाया गया। बड़े स्तर पर हुए कार्यक्रम में भाजपा के डिप्टी सीएम से लेकर कई सांसद और विधायक शामिल हुए। कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने पवन को सपा के झंडे से मेल खाते रंग की पगड़ी पहनाई। उन्हें अपना भतीजा और बेटे समान बताया। इसको लेकर सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मैं सरकार की ओर से भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बधाई देता हूं। दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे। उन्होंने बधाई गीत गाए। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भी मुलाकात कर बधाई दी। पवन ने रविवार को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में फैंस के बीच अपना जन्मदिन मनाया। तस्वीरें देखिए… भाजपा से बागी होकर लड़ा था चुनाव
लोकसभा चुनाव में 2 मार्च, 2024 को बीजेपी ने पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था। 24 घंटे के अंदर ही पवन ने ऐलान कर दिया कि वो यहां से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने टिकट वापस कर दिया। उन्होंने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा।अभी तक बीजेपी में उनकी वापसी नहीं हुई है। बिहार में बीजेपी को पांच सीटों का हुआ था नुकसान
2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान बीजेपी को हुआ था। बिहार में बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जबकि JDU 16 सीट पर मैदान में थी। दोनों पार्टी 12-12 सीट जीत पाई। बीजेपी को पांच सीटों का नुकसान हुआ था। राजनीतिक जानकारों का कहना था कि पवन सिंह के चुनाव लड़ने से भाजपा को नुकसान हुआ है। बक्सर से मिथिलेश तिवारी हार गए। औरंगाबाद से तीन बार लगातार सांसद रहने वाले सुशील कुमार सिंह हार गए। दो बार सांसद रहे आरा लोकसभा के आरके सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। पाटलिपुत्र से दो बार सांसद रहे रामकृपाल यादव भी हार गए। सासाराम से शिवेश राम को टिकट दिया गया और वह भी हार गए। वो बातें जो चर्चा का कारण बनीं बृजभूषण बोले पवन सिंह छोटे भाई और भतीजे जैसे
कैंसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पवन को अपना बेटा और भतीजा बताया। उन्होंने कहा कि लोग तीन तरह से समाज में जाने जाते हैं। जो अपने कर्मों से जाना जाता है उसे उत्तम पुरुष कहा जाता है। कुछ ऐसे होते हैं जो अपने पिता के द्वारा जाने जाते हैं, वो मध्यम दर्जें के माने जाते हैं। तीसरे वो होते हैं जो पत्नी के द्वारा जाने जाते हैं, वो तीसरे दर्जे के होते हैं। इसमें जो अपने कर्मों से जाना जाता है वो एक नंबर का आदमी होता है। पवन सिंह एक नंबर के आदमी हैं। इन्होंने अपनी गायकी से देश दुनिया में नाम रोशन किया है। ऐसे आदमी को मैं बहुत पसंद करता हूं। पवन सिंह ने सभी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया
पवन सिंह को सबसे पहले कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने पगड़ी पहनाई और गले लगाया। पवन सिंह ने बृजभूषण के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। डिप्टी सीएम के बधाई के बाद पवन सिंह ने कहा कि आप आए मैं धन्य हो गया। पवन को बधाई देने भोजपुरी गायक और दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे। मनोज तिवारी को पवन ने कहा- भैया आप बहुत अच्छे हैं, पर कभी-कभी बेइमानी कर देते हैं। तब मनोज ने कहा- ठीक बा फिर बैइठ के समझ लिहल जाई। ब्रजेश पाठक ने यूपी सरकार की ओर से बधाई दी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पवन सिंह ने अपनी गायकी के माध्यम से देश दुनिया में मां भारती का नाम रोशन किया है। मैं प्रदेश की 25 करोड़ जनता और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पवन सिंह को जन्मदिन की बधाई देता हूं। पवन के माता-पिता का भी चरण वंदन करता हूं, जिन्होंने ऐसे सपूत को जन्म दिया है, जो हमारी संस्कृति को देश-दुनिया में फैला रहे हैं। मनोज तिवारी ने गाने के जरिए दी बधाई
मनोज तिवारी ने अपनी गीत केतनी सुहावन सुंदर सूरत, मनोहर मंगल मूरत हो, गाकर पवन सिंह को बधाई दी। कहा- पवन बहुत अच्छे दिल का इंसान हैं। जो कुछ होता है, उसे सामने ही कह देता है। इसके अंदर छल-कपट नहीं है। लखनऊ में जन्मदिन मनाने क्यों आए पवन सिंह, जानिए इसके मायने लखनऊ की है अपनी सांस्कृतिक और राजनीतिक अहमियत
लखनऊ उत्तर भारत का एक प्रमुख सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्र है। इसके साथ ही यह बिहार से सटा हुआ प्रदेश है। बिहार के लोगों की एक बड़ी आबादी यहां रहती है। पवन सिंह का यहां जन्मदिन मनाना उनके प्रशंसकों और समर्थकों के साथ जुड़ाव बनाने का प्रयास है। इससे वह उत्तर प्रदेश में अपनी लोकप्रियता को और बढ़ा सकते हैं। भोजपुरी को समझने वाले लोग हैं यहां
उत्तर प्रदेश भोजपुरी सिनेमा का एक प्रमुख बाजार है। यहां भोजपुरी को समझने वाली एक बड़ी आबादी है। इसके जरिए वह अपने प्रशंसकों को सम्मान देने और अपने कद को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। भविष्य में यूपी की राजनीति में एंट्री
पवन सिंह अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत यूपी से कर सकते हैं। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपनी कई फिल्मों की शूटिंग भी की है। वहीं गोरखपुर में पवन ने कुछ साल पढ़ाई भी की है। पवन की पगड़ी के रंग के सांस्कृतिक और राजनीतिक मायने क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक उमाशंकर दुबे ने कहा, पवन सिंह को सपा के झंडे के रंग की पगड़ी पहनाना एक राजनीतिक कदम हो सकता है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भाजपा में रहकर भी उसकी जड़ों को खोदने का काम कर रहे हैं। यह सभी लोग जानते हैं कि सपा से उनके रिश्ते बहुत करीब के हैं। …………………………………………………………. पवन सिंह से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पवन सिंह ने बताया बीजेपी का टिकट लौटाने का कारण:आसनसोल से नाम फाइनल होने पर रो पड़े थे, इस्तीफे पर कहा-टाइम पर डिसीजन लूंगा 2 मार्च को बीजेपी ने भोजपुरी एक्टर पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। 24 घंटे के अंदर ही पवन सिंह ने ऐलान किया कि वो यहां से नहीं लड़ेंगे। अब वे बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

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