हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चला लंबा विवाद अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब किसान संगरिया में प्रस्तावित बायो एथेनॉल फैक्ट्री को हटाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को सैकड़ों किसानों ने सादुलशहर के खैरुवाला टोल प्लाजा पर विरोध-प्रदर्शन किया और फैक्ट्री हटाने की मांग की। किसान टोल के पास धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसान नेताओं ने सभा को संबोधित भी किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संगरिया एसडीएम जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल, थानाधिकारी अमरसिंह और चौकी प्रभारी ताराचंद गोदारा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शाम को किसानों के साथ प्रशासन की वार्ता हुई, जिसमें प्रशासन ने मुद्दे पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया। किसान बोले- स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं संघर्ष समिति के सदस्य परमिंदर खीचड़ ने कहा- टिब्बी के राठीखेड़ा की तरह सादुलशहर के सीमा क्षेत्र में भी एथेनॉल फैक्ट्री लगाई जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा, जो हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम फैक्ट्री यहां नहीं लगने देंगे। किसानों का कहना है कि संगरिया क्षेत्र में बुगलावाली के पास एथेनॉल फैक्ट्री प्रस्तावित है। राठीखेड़ा में किसान-मजदूरों ने जिस तरह आंदोलन किया, वैसा ही यहां भी होगा। अगर सरकार ने फैक्ट्री नहीं हटाई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फैक्ट्री प्रबंधन बोला- यह फैक्ट्री टिब्बी वाली से अलग फैक्ट्री प्रबंधन ने कहा- किसान टिब्बी वाले पैटर्न पर फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं, लेकिन यह फैक्ट्री उससे काफी अलग है। जहां फैक्ट्री लगना प्रस्तावित है, वहां बारानी जमीन है। जहां पर नहर का पानी भी नहीं है। भूमिगत पानी 17 हजार टीडीएस वाला खारा है, जो पीने या खेती लायक नहीं। किसानों की शंकाएं चर्चा से दूर की जा सकती हैं। किसान भाई प्रशासन व फैक्ट्री प्रबंधन से इस विषय पर चर्चा करें। 235 करोड़ से लगेगी फैक्ट्री संगरिया-अबोहर मार्ग पर गांव सिंहपुरा के चक 27 AMP में 42 बीघा भूमि पर करीब 235 करोड़ की लागत से भारत बायोऐथनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की फैक्ट्री प्रस्तावित है। जमीन पर चारदीवारी हो चुकी है। यहां रोजाना 200 KLDP बायो एथेनॉल उत्पादन होगा। जबकि कुछ सूत्रों के मुताबिक यहां 74 KLDP का उत्पादन प्रतिदिन होगा।


