डूंगरपुर में अनुसूचित क्षेत्र आरक्षण मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाले अधिकारों की रक्षा, टीएसपी क्षेत्र में एसटी वर्ग को राजनीति में मिल रही आरक्षण व्यवस्था से छेड़छाड़ नहीं करने और क्षेत्र में बढ़ रहे बाहरी हस्तक्षेप के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। अनुसूचित क्षेत्र आरक्षण मोर्चा के प्रदेश संयोजक प्रसून मसार ने बताया कि भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के लिए विशेष राजनीतिक आरक्षण और प्रशासनिक प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत कई प्रमुख पद केवल आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय से बाहरी लोग समता आंदोलन समिति के माध्यम से टीएसपी क्षेत्र में सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए पंचायतीराज के विभिन्न पदों पर रोस्टर प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं। मसार ने आगे कहा कि ये मांगें संवैधानिक आरक्षण के विरुद्ध माहौल तैयार कर रही हैं और असंवैधानिक तरीकों से आरक्षण हटाने या उसमें बदलाव की मांग की जा रही है, जिससे क्षेत्र में आपसी भाईचारा बिगड़ रहा है। अनुसूचित क्षेत्र आरक्षण मोर्चा इन असंवैधानिक मांगों का कड़ा विरोध करता है। ज्ञापन में आदिवासियों के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक हितों की रक्षा के लिए पांचवीं अनुसूची की मूल भावना को अक्षुण्ण रखने और आरक्षण व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की गई है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनके हक-अधिकारों के साथ छेड़छाड़ की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


