टीकमगढ़ नपा सीएमओ ने अध्यक्ष के आरोप नकारे:बोले- सभी काम ई-टेंडर से होते है, चाहे तो जांच करा लें

टीकमगढ़ नगर पालिका में अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार और सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया के बीच इन दिनों विवाद चल रहा है। ताजा विवाद शहर में सड़क किनारे लगाए जा रहे पेवर्स की गुणवत्ता को लेकर सामने आया है। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर ठेकेदार को काम बंद करने के निर्देश दिए थे। पेवर्स की गुणवत्ता पर उठे सवाल नगर पालिका की ओर से नजरबाग स्थित छोटे सरकारी अस्पताल से जय स्तंभ की ओर सड़क किनारे पेवर्स बिछाने का कार्य किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पेवर्स सड़क से करीब एक फीट ऊंचाई पर लगाए जा रहे हैं और उनकी गुणवत्ता भी घटिया है। नीचे केवल डस्ट बिछाकर काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जिसके बाद अध्यक्ष ने निरीक्षण किया। अध्यक्ष बोले- 5 लाख रुपए से कम के काम में गड़बड़ी निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह नगर पालिका के पैसे की बर्बादी बंद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में कई निर्माण कार्य ऐसे हो रहे हैं, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। अध्यक्ष का कहना है कि 5 लाख रुपए से कम के काम सीएमओ अपने स्तर पर चहेते ठेकेदारों को दे रहे हैं और इनका भुगतान भी सीधे कर दिया जाता है। उनका आरोप है कि ऐसे कामों में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच 50-50 की पार्टनरशिप चल रही है। सीएमओ ने आरोपों को बताया निराधार अध्यक्ष के आरोपों पर सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने कहा कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका के सभी निर्माण कार्य ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के निरीक्षण के बाद संबंधित इंजीनियर को नोटिस जारी किया गया है। सीएमओ ने कहा- निर्माण कार्यों में पार्टनरशिप और चहेतों को काम देने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। ई-टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने जैसा है। उनके कार्यकाल से पहले कई काम सिंगल ठेकेदार को 6 प्रतिशत अधिक दर पर स्वीकृत किए गए थे।

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