टीकमगढ़: बंडा नहर मरम्मत शुरू:80 लाख होंगे खर्च, घरों से सीवर लाइनें जोड़ने से नहर गंदी होने का खतरा

टीकमगढ़ में महेंद्र सागर तालाब को वृंदावन तालाब से जोड़ने वाली बंडा नहर का जीर्णोद्धार कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। इस परियोजना पर 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि, काम शुरू होते ही एक नई समस्या सामने आई है। नहर के किनारे बने मकानों के निवासी अपने घरों से निकलने वाली सीवर लाइनों को सीधे नहर में जोड़ रहे हैं। इससे नहर का पानी दूषित होने और उसके गंदे नाले में तब्दील होने की आशंका बढ़ गई है। नगर पालिका ने पहले नहर की सफाई, पक्का निर्माण, फुटपाथ, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण का आश्वासन दिया था। इसके लिए स्थानीय लोगों ने अपने अतिक्रमण भी हटा लिए थे, लेकिन महीनों तक काम शुरू नहीं हुआ था। स्थानीय निवासियों को नहर खुली रहने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही थी। सरिता झा ने बताया कि उनके घर के सामने नहर खुली होने से उन्होंने अस्थायी पुल बनाने के लिए लोहे के गाटर और लकड़ी के पटिए लगाए हैं, जिसके लिए उन्हें किराया देना पड़ रहा है। मोहल्ले के लगभग 25 से 30 परिवार इस समस्या से जूझ रहे थे। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए नगर पालिका ने परिषद की बैठक में नहर की मरम्मत का प्रस्ताव रखा, जिसे पास होने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू किया गया है। लेकिन, सीवर लाइनों का नहर में जोड़ा जाना एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस मामले में नगर पालिका सीएमओ का कहना है कि करीब 80 लाख रुपए की लागत से नहर की रिपेयरिंग और पक्का निर्माण कराया जा रहा है। पुरानी टिहरी से लेकर मऊ चुंगी रोड पर ज्यादातर लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी के पाइप नहर में छोड़े गए हैं। इसके लिए अलग से नाली बनाए जाने के संबंध में इंजीनियर से बात की जाएगी। ताकि घरों से निकलने वाला गंदा पानी नहर में न जाए।

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