टीकमगढ़ में शुक्रवार को सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में बाइक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने अपर कलेक्टर शिव प्रसाद मंडराह को ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, फलाहारी बाबा सहित कई साधु-संत और सवर्ण समाज के सदस्य शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में “यूजीसी बिल गो बैक” लिखी तख्तियां लिए हुए थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी बिल वापस लिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत ने अपने विचार रखें इस अवसर पर बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार बटोगे तो कटोगे का नारा देते हैं, वहीं दूसरी ओर यूजीसी जैसा कानून लाकर समाज में वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कानून बताया। राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नया यूजीसी कानून केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के शैक्षणिक भविष्य का प्रश्न है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि इसे आज नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ियां कभी क्षमा नहीं करेंगी। इसलिए शिक्षक, छात्र और समाज के हर जागरूक नागरिक को एकजुट होकर इस शिक्षा विरोधी कानून का विरोध करना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत का संविधान समानता, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की नींव पर खड़ा है, और उच्च शिक्षा व्यवस्था इन मूल्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम रही है। हालांकि, नया यूजीसी कानून इन संवैधानिक आदर्शों से विमुख होकर जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे रहा है और सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमजोर कर रहा है। इसे शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि समान अवसरों पर सुनियोजित हमला बताया गया। ज्ञापन में कहा गया कि उच्च शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है। यदि इसे केंद्रीकरण, अस्थिरता और बाजारीकरण की भेंट चढ़ाया गया, तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। सवर्ण वर्ग ने नए यूजीसी कानून पर पुनर्विचार कर देश की शिक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़, लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने की मांग की। इन्होंने सौंपा ज्ञापन इस मौके पर जानकी नायक, रामकुमारी द्विवेदी, शिवानी खेबरिया, नीतू द्विवेदी, गौरव शर्मा, रानू मिश्रा, सुरेश दौंदेरिया,महेंद्र द्विवेदी, राहुल तिवारी, प्रकाश अग्रवाल, अभिषेक जैन, रिंकू मिश्रा, पुष्पेंद्र तिवारी, अनुराग शर्मा, नीलेश द्विवेदी, हरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।


