बड़ी स्थित टीबी हॉस्पिटल में सांस की नली मं पिन फंसने का चौंकाने वाला मामला सामने आया। दरअसल, 22 वर्षीय युवक ठोकर लगने से मुंह के बल गिर गया। गिरने से उसे चोट तो नहीं लगी, लेकिन जमीन पर गिरते ही सांस के साथ 2.2 इंच लंबी थंब पिन शरीर के अंदर चली गई। लगातार खांसी आने पर पर युवक बड़ी चेस्ट एंड टीबी हॉस्पिटल पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने जांच की तो एक्सरे में युवक की छाती में पिन-नुमा स्ट्रक्चर दिखा। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि पिन देख एक बारगी डॉक्टरों की टीम भी चौंक गई। यह अपने आप में अनूठा मामला आया था। पिन की लोकेशन जानने के लिए सीटी स्कैन करवाया गया। इसमें ब्रोंकस इंटरमीडियस (सांस की नली) में मेटेलिक स्ट्रक्चर का पता चला। 20 मिनट में निकाली पिन…पिन को निकालने के लिए वीडियो फाइबर ऑप्टिक ब्रोंकोस्कॉपी जांच की गई। इसमें सामने आया कि पिन युवक के दाहिने फेफड़े की सांस नली में अटकी है। इसे ब्रॉन्कोस्कॉप (दूरबीन) के वर्किंग चैनल से एलिगेटर फोरसेप्स (चिमटानुमा मेडिकल उपकरण) डाल कर पकड़ा और मुंह के रास्ते निकाला गया। यह प्रोसेस मात्र 20 मिनट में पूरा हो गया। गनीमत…खाली जगह अटकी पिन, इससे नहीं हुआ गंभीर घाव
गनीमत रही कि पिन की नोब सांस की नली में खाली स्थान पर अटकी थी, इस वजह से युवक को घाव या किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। इलाज के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। अगर समय रहते युवक हॉस्पिटल नहीं पहुंचता और पिन नहीं निकाली जाती तो उसके गंभीर रूप से चोटिल होने का जोखिम था। अस्पताल में ऐसा मामला पहली बार आया। इससे पहले करीब 2-3 साल पहले सांस की नली में दांत फंसने का मामला सामने आया था। यह प्रोसीजर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज आर्य एंड उनकी टीम के डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. प्रकाश बिश्नोई, डॉ. संजू चौधरी, डॉ. अनंत वर्मा समेत अन्य रेजीडेंट चिकित्सकों के सहयोग से हुआ।


