भास्कर संवाददाता| डूंगरपुर करीब एक दशक पहले टीबी जिले की पहचान थी। जनसंख्या के अनुपात में सबसे ज्यादा टीबी मरीज और इससे मौतों का रिकार्ड भी हमारे नाम रहा। पर, अब यह अपवाद बनता जा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त कराने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में इस वर्ष जिले की 50 ग्राम पंचायतों से ज्यादा टीबी मुक्त होने की ओर है। इसके लिए ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी टीम की ओर से इस ग्राम पंचायतों में सर्वे किया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. करिश्मा पंचाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले वर्ष 49 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया था। इस वर्ष भी 50 ग्राम पंचायतों से ज्यादा टीबी मुक्त होने के आसार है। डॉ. पंचाल बताती है कि पिछले वर्ष 2023 में जिले के 214 ग्राम पंचायत चुनी गई। इसमें 74 ग्राम पंचायत को क्लेम किया। खास यह रहा कि इनमें से 49 ग्राम पंचायत टीबी मरीज मुक्त रही। पंचाल बताती है कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत तब तक ही टीबी मुक्त रहती है जब तक वहां पर जांच के दौरान कोई मरीज नहीं मिलता है। ऐसे में विभाग की ग्राम स्तर की पीएचसी और सीएचसी की टीम की ओर से गांव के सरपंच, उपसरपंच और सचिव के साथ मिली कर समय समय पर गांव में लोगों को टीबी के बारे में बताया जाता है। पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से गांव में जाकर ग्रामीणों की जांच करती थी तो लोग जांच कराने के बजाए विरोध करते थे। पर, लगातार समझाइश से हालात बदल गए है। सरपंच, उपसरपंच और सचिव के माध्यम से गांव में टीबी लेकर जागरूकता पैदा की जा रही है। इसके चलते अब ग्रामीण स्वयं आकर टीबी की जांच करा रहे है। लगातार उपचार ले रहे है और इसी का परिणाम है कि अब परिणाम पहले से बेहतर आने लगे है। इस तरह होता है सर्वे टीम में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, एमओ, एनएमएन, जीएमएल, एलटी, एसटीएसी और एसएलएस की मौजूदगी में इन ग्राम पंचायतों में 10 से 15 दिनों तक घर घर जाकर सर्वे का कार्य किया जाता है। सर्वे के दौरान टीम की ओर से 6 मानकों में सर्वे होता है। इसमें संभावित टीबी जांच की संख्या, टीबी सूचना की दर, उपचार सफलता दर, दवा संदेवनशीलत परीक्षण दर, निक्षय पोषण योजना और पीएमटीबीएमबीए के तहत टीबी रोगियों की पोषण सहायता के आधार पर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त किया जाएगा। टीम के सर्वे के 6 मानकों पर खरे उतरने वाली ग्राम पंचायतों को विश्व टीबी दिवस पर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा। डॉ. पंचाल ने बताया कि इस वर्ष जिले की 165 ग्राम पंचायत चुनी गई है। इसमें 86 पंचायत को टीबी मुक्त के लिए क्लेम किया है। इन पंचायतों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ओर सर्वे कार्य किया जाएगा। हालाकि परिणाम अभी आया नहीं है। पर, माना जा रहा है कि इस बार 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतें टीबी मरीज मुक्त रहेगी।


