भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ टीबी एवं सिलिकोसिस मरीजों को जांच के लिए अब जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से ऑन स्पॉट एक्स-रे की सुविधा शुरू हो गई है। जिले में तीन मशीनों की डिमांड में से एक मिल चुकी है। 17 दिनों में ही 500 मरीजों की जांच के साथ उपचार भी शुरू हो गया। अच्छी खबर यह भी है कि प्रदेश में टीबी रोगियों की रिकवरी के मामले में जिला टॉप टेन में पहुंच गया है। टीबी व सिलिकोसिस बीमारी का जल्द पता लगाने के लिए विभाग ने हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें मंगवाना शुरू किया है। पहले चरण में एक मशीन चित्तौड़ ब्लॉक के लिए मिली है। स्लम और ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर जांच की जा रही है। एक्स-रे से संभावित मरीजों को आगे जांच और इलाज के लिए रैफर किया जा रहा है। यह मशीन आसानी से कहीं भी ले जाई जा सकती हैं। हैंड हेल्ड (पोर्टेबल) मशीन को कंप्यूटर व आईपैड से जोड़कर कहीं भी जांच की जा सकती है। दूसरे चरण में दो और मशीन निंबाहेड़ा एवं बड़ीसादड़ी ब्लॉक क्षेत्र के लिए आएंगी। मशीन की लागत औसत 6 लाख रुपए है। इस बीच प्रदेश में टीबी रोगियों की रिकवरी रेट में हमारा जिला टॉप टेन में शामिल हो गया है। जिले ने इस मामले में 95 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की। गत साल 3100 रोगियों के लक्ष्य के मुकाबले 2900 रोगी टीबी मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत रोगियों को पोषण राशि 500 रुपए की जगह 1000 रुपए प्रति महीने कर दी गई है। जो इलाज जारी रहने तक मिलेगी। निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत रोगियों को ही यह लाभ मिलेगा। उससे पूर्व पंजीकृत और इलाजरत रोगियों को पूर्व की भांति 500 रुपए प्रतिमाह की दर से ही भुगतान होगा। योजना के लाभ के लिए रोगियों को अपने नजदीकी अस्पताल के टीबी विभाग में जाकर पंजीकरण कराना होगा। इलाज व जांच से संबंधित सभी तरह के कागजात, पासबुक और आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करानी होगी। लाभ निजी चिकित्सकों के क्लिनिक से इलाज करा रहे रोगियों को भी मिल सकेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राकेश भटनागर ने सभी चिकित्सकों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा टीबी मरीजों का पंजीकरण करवा कर मुफ्त जांच, दवा और 1000 रुपए की दर से प्रतिमाह से नकद सहायता योजना का लाभ दिलवाएं और 2026 तक अपने चित्तौड़गढ़ जिले को टीबी मुक्त बनाने में अपना योगदान दें। जिले को इस बार 150 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य मिला है। गत साल यानी 2024 में 68 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में जिला सफल रहा था। इससे पहले 2023 में 22 पंचायतें टीबी मुक्त हुई। प्रदेश में टीबी रोगियों की डेढ़ रेट 6% हैं। जिले में यह इससे कहीं कम 1.8 प्रतिशत हैं। इस बार 150 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य ^राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्लम एरिया में कैंप कर संभावित रोगियों की हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन से जांच की जा रही है। जिन मरीजों की एक्स-रे फाइंडिंग एब नॉर्मल मिलेगी, उनकी टीबी नॉट जांच करवाई जाएगी। जनवरी के 17 दिन में करीब 500 रोगियों की जांच की जा चुकी हैं। – डॉ. राकेश भटनागर , जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी चित्तौड़गढ़।


