टोंक| राज्य सरकार व 104 एंबुलेंस सेवा प्रदाता निजी कंपनी के बीच टेंडर अवधि समाप्त होने से जिले में संचालित 104 एंबुलेंस सेवाएं बंद हो गई। उपखंडों के अस्पतालों में खड़ी 20 एंबुलेंस के पहिए थमे रहे। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि यह सेवा मुख्य रूप से गर्भवतियों को ऑन-कॉल आधार पर अस्पताल लाने व प्रसुताओं को घर वापस छोड़ने के लिए थी। टेंडर समाप्ति के बाद ये वाहन बंद हो गए। बुधवार को प्रसूताओं को लेकर परिजन निजी वाहनों के माध्यम से घरों तक पहुंचे। जिले में करीब 22 एम्बुलेंस 108 व 20 एम्बुलेंस 104 है। मालपुरा| टेंडर अवधि समाप्त होने से मंगलवार मध्यरात्रि से 104 एंबुलेंस सेवाएं बंद हो गईं। मालपुरा में संचालित दो 104 एंबुलेंस वाहन भी प्रभावित हुए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीयूष सिंह ने बताया कि मालपुरा अस्पताल में 104 सेवा के दो वाहन एक निजी कंपनी द्वारा चलाए जाते थे। 104 एम्बुलेंस सेवा एक राज्य-स्तरीय 24 घंटे की निशुल्क हेल्पलाइन है। यह आपातकालीन वाहन सेवा है जो गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद बीमारों को घर से अस्पताल और वापस घायल ले जाती है। यह 108 जैसी आपातकालीन सेवा के साथ मिलकर काम करती है।


