भास्कर न्यूज| अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से लगाए गए 52.40 करोड़ के टेंडर विवाद मामले में 7 अफसरों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई के बाद चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा अभी यह टेंडर किसी को अलॉट नहीं हुआ है सिर्फ कॉल किया गया है। टेंडर ट्रस्ट की ओर से लगाया गया था लेकिन लोकल बॉडीज विभाग की चंडीगढ़ लेवल पर 3 चीफ इंजीनियरों की कमेटी होती है जो टेक्निकल वेटिंग करती है। अप्रूवल के बाद जो भी नियम-कानून-शर्तें हैं, वहीं से फ्रेम होकर आती है। ट्रस्ट की ओर से न कोई शर्त लगाई गई न हटाई। चंडीगढ़ से जो आता है, उसी प्रक्रिया के तहत काम करवाया जाता है। चेयरमैन के हाथ में एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकार होते हैं लेकिन टेक्निकल चीजें देखने का काम अफसरों का होता है। सरकार पारदर्शिता से काम कर रही है। यदि कोई गड़बड़ी कर रहा तो बख्शा नहीं जाता है। रिंटू ने कहा कि एसएसपी विजिलेंस लखबीर सिंह का तो इस टेंडर से कोई लेना-देना ही नहीं है। सरकार ने सोच-समझकर ही कोई फैसला लिया होगा। टेंडर के लिए 2 ठेकेदारों के बीच आपसी लड़ाई कोई नई बात नहीं है। डीसी की ओर से 4 मेंबरी कमेटी बनाई गई थी। सारे मामले की जांच के बाद रिपोर्ट भेजी गई है लेकिन इस बारे कोई ठोस जानकारी नहीं है।


