जयपुर | केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 व्यवस्था के तहत कारों पर टैक्स में कमी के चलते इस साल नवरात्र के दौरान पिछले साल के मुकाबले कार बिक्री में 00 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, इस वृद्धि में बड़ा हिस्सा दबी हुई यानी पेंटअप डिमांड’ का हो सकता है, लेकिन कार कीमत में लाखों रुपए की बचत होने से 25 से 30 फीसदी नए ग्राहक भी बाजार से जुड़े हैं, जिनकी तुरंत खरीदारी की कोई योजना नहीं थी। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक शैलेष चंद्रा ने शुक्रवार को भास्कर के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान के ऑटोमोबाइल बाजार में टाटा मोटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी, नेटवर्क विस्तार की योजना और पर्यावरण के अनुकूल सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कंपनी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। प्रस्तुत बातचीत के प्रमुख अंश: {जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स में कमी से कार बिक्री पर क्या असर दिखाई दिया? जीएसटी में कटौती का असर उत्साहजनक रहा है। कार की कीमत में आई कमी निर्णायक साबित हुई। इससे नवरात्र के दौरान कार बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 100 फीसदी की ग्रोथ रही। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस वृद्धि में 25 से 30 प्रतिशत ग्राहक ऐसे थे, जिनकी कार खरीदने की फिलहाल कोई योजना नहीं थी। जीएसटी में कमी के बाद इन खरीदारों ने कार खरीदीं या बुकिंग कराई। बुकिंग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बिक्री में ग्रोथ का मोमेंटम धनतेरस तक बना रहेगा। विशेष रूप से 4 मीटर से बड़ी कारों की बुकिंग ओवरफ्लो है। {राजस्थान का बाजार टाटा मोटर्स के लिए कितना महत्व रखता है? राजस्थान हमारे लिए एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित होता हुआ बाजार है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की राष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ केवल 2 प्रतिशत रही है, जबकि राजस्थान के प्रभावशाली 8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। इसलिए, टाटा मोटर्स के लिए राजस्थान एक बड़ा बाजार है। रूफटॉप सोलर अपनाने में अग्रणी राजस्थान जैसे राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी ज्यादा हो रही है। यहां के ग्राहक ईंधन दक्षता, रखरखाव की कम लागत और वाहनों के स्थायित्व को महत्व देते हैं। इस कारण हमने इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वेरिएंट और सीएनजी वाहनों पर विशेष ध्यान दिया है, जो राजस्थान के ग्राहकों की जरूरतों के अनुकूल हैं। {राजस्थान के ऑटोमोबाइल बाजार में वर्तमान में कितनी हिस्सेदारी है? वर्तमान में राजस्थान की कुल वाहन बिक्री में हमारी लगभग 14% हिस्सेदारी है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ईवी सेगमेंट में तो हम लीडर हैं। बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हम अपने डीलर नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा शुरुआती फोकस मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों पर था, लेकिन अब ग्रामीण इलाकों पर फोकस बढ़ाया है। {कंपनी सेल्स और सर्विस नेटवर्क को लेकर क्या योजना है? नेटवर्क विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने अपने नेटवर्क को मजबूत किया है। इसे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में कंपनी के प्रदेश में 71 डीलर हैं। इनमें से 28 शहरी क्षेत्रों में, जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। हम अब छोटे शहरों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस बढ़ाने का हमारा उद्देश्य है कि ग्राहकों को बिक्री-पश्चात सेवा करीब ही उपलब्ध हो सके। सर्विस नेटवर्क के मामले में भी हम व्यापक सुधार कर रहे हैं। राजस्थान में हमारे 68 सर्विस सेंटर हैं। शैलेष चंद्रा एमडी, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लि.


