महाराष्ट्र सरकार का 50 सदस्यीय दल रविवार शाम टोंक के आवां गांव पहुंचा। यहां सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज की ओर से कराए विकास कार्यों को देखा। इस दल में महाराष्ट्र सरकार के आईएएस,सीईओ,स्टेट कॉर्डिनेटर,विकास अधिकरी सहित 25 अधिकारी,नागपुर,भंडारा,वर्धा व गोंदिया जिले के दो जिला प्रमुख,एक प्रधान,17 सरपंच व 5 जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य शामिल थे। इस दल के सदस्यों ने कहा- हमने ऐसा विकास पहले देश के किसी गांव में नहीं देखा। आवां सरपंच विजनरी हैं, जिनसे सभी सरपंचों को सीखना चाहिए। यहां के काम अद्भुत हैं। श्मशान घाट को तो यह दल हेरिटेज गार्डन समझ बैठा। पहले महिलाएं राजकला तीर्थ पर खुले में नहाती थीं। घाट नहीं होने की वजह से महिलाओं के पांव कीचड़ में धंस जाते थे। सरपंच ने महिलाओं के लिए ड्रेसिंग रूम युक्त हेरिटेज लुक का घाट बनवाया। हेरिटेज पंचायत भवन,युवक व युवतियों के लिए अलग-अलग वातानुकूलित पुस्तकालय, भीम उद्यान,12 गावों की प्यास बुझाने के लिए एनिकट,सांस्कृतिक भवन,सामुदायिक मैरिज गार्डन जैसे कार्यों की इस दल ने सराहना की। नागपुर की जिलाप्रमुख मुक्ता विष्णु कोकाड़े और भंडारा के जिलाप्रमुख गंगाधर मुकुंदा सहित दल के सभी सदस्यों ने कहा- गांव का विकास देखना है तो चले आइए आवां, यहां के सरपंच ने गांव की तस्वीर बदल दी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सरपंच दिव्यांश को सम्मानित कर चुके हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी आवां सरपंच के नवाचारों की तारीफ़ कर चुके हैं। गत दिनों कलेक्टर डॉ.सौम्या झा और भारत सरकार की टीम ने भी आवां में हुए कार्यों को सराहा है। इस अवसर पर सरपंच दिव्यांश ने कहा- मैं आभारी हूं कलेक्टर डॉ.सौम्या झा का, जिन्होंने मुझे गांव के विकास के लिए प्रोत्साहित किया। सरकार को ब्रांड ऐंबैस्डर बनाना चाहिए आवां सरपंच को महाराष्ट्र से आए दल के सदस्यों ने कहा- ऐसा युवा सरपंच हमने भी नहीं देखा है जिन्होंने इतने कम समय में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। वे विकास के आइडियल बन गए हैं। ईमानदारी की मिसाल हैं। इतने कम बजट में इतना बेहतर विकास करवाया है, जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। सरकार को चाहिए कि आवां सरपंच भारद्वाज को ब्रांड ऐंबैस्डर बनाए। ताकि यहां का विकास देश भर में पंचायतों के लिए मॉडल बने।


