टोंक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने अन्नपूर्णा गणेश मंदिर के सामने जयपुर- कोटा सवाई माधोपुर हाईवे के पास स्थित गंदे तालाब को लेकर संज्ञान लिया है। न्यायाधीश जलुथरिया शुक्रवार को अपनी टीम के सदस्य चीफ एल.ए.डी.सी. रमेश शर्मा और पी.एल.वी. हरिराम गुर्जर एवं अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि असहनीय दुर्गंध एवं मच्छरों के कारण उनका जीना दूभर हो रहा है। यह तालाब हाईवे और अन्नपूर्णा गणेश मंदिर के पास होने से आमजन के लिए समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। इसके अलावा यहां एक पाइपलाइन पिछले 4 महीने से टूटी हुई है, इससे पानी बेकार बहता रहता है। इसके बाद उपस्थित लोगों से शिकायत प्रार्थना पत्र लिए गए। सचिव ने बताया कि संबंधित प्रकरण जनोपयोगी सेवाओं एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित होने के कारण संबंधित विभागों से साफ-सफाई के प्रयास किए जाऐंगे। ऐसा संभव नहीं हो पाता है तो स्थायी लोक अदालत के आदेशों के अनुसार गंदे तालाब के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक द्वारा रालसा के निर्देशानुसार “न्याय आपके द्वार” विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जनसाधारण की विभिन्न समस्याओं को प्राधिकरण के अधिवक्ताओं द्वारा स्थायी लोक अदालत में निशुल्क परिवाद दायर करवाए जा रहे हैं। इन प्रकरणों में स्थायी लोक अदालत द्वारा जारी किए जाने वाले आदेश सिविल कोर्ट की डिक्री के समान होते हैं, जिन्हें मानना संबंधित विभागों के लिए बाध्यकारी होता है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक ने आगे बताया कि प्राधिकरण आमजन से जुड़े ऐसे विषयों पर सदैव संवेदनशील है और नागरिकों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करता रहेगा।


