राज्य सरकार के 2 साल पूरे होने के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय दिखा। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से छावनी तक पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें सैकड़ों स्कूली बच्चों ने भाग लेकर संरक्षण का संदेश दिया। वही, अमृता बाजार में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों की बिक्री हो रही। कलेक्टर और डीएफओ ने दिखाई हरी झंडी पर्यावरण जागरूकता रैली को कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और उपवन संरक्षक वीरेंद्र सिंह कृष्णिया ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग का स्टाफ और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल रहे। बच्चों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ रैली से पहले कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने उपस्थित बच्चों और प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जनभागीदारी सबसे अहम है। जिले के सभी ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित उपवन संरक्षक वीरेंद्र सिंह कृष्णिया ने बताया कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जिले के सभी ब्लॉकों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वन विभाग की प्रत्येक रेंज की नर्सरियों में निराई, सफाई अभियान और पर्यावरण संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना हुई रैली घंटाघर, गांधी पार्क और बंबोर गेट होते हुए छावनी तक पहुंची। इस दौरान बच्चे हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों की तख्तियां लेकर नारे लगाते नजर आए। अमृता बाजार में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा कलेक्ट्रेट परिसर में अमृता बाजार का आयोजन भी किया गया है, जहां महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों की बिक्री हो रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देना है, जिसके लिए प्रधानमंत्री स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में चल रहे हैं विविध कार्यक्रम गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर जिले सहित पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर भी माह के दूसरे पखवाड़े से प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।


