बाड़मेर पीजी कॉलेज के स्टूडेंट फीस बढ़ोतरी और स्कॉलरशिप को लेकर कॉलेज गेट के आगे ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। यूनिवर्सिटी और वीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी लगने पर बाड़मेर एसडीएम और डीएसपी स्टूडेंट से वार्ता करने के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन और प्रशासन के दो दिन आश्वासन के बाद स्टूडेंट मानें और धरना समाप्त किया। स्टूडेंट का कहना है कि कॉलेज की फीस अचानक 3 गुना बढ़ा दी है। जो सरासर गलत है। दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बाड़मेर के बैनर तले गुरुवार को बाड़मेर पीजी कॉलेज परिसर के आगे गेट के ताले और बेल्ट लगाकर धरने पर बैठे गए। कॉलेज के अंदर न लेक्चरर और प्रिंसिपल को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। वहीं कॉलेज के कुछ स्टाफ अंदर खड़े नजर आए। स्टूडेंट कहना है कि यूनिवर्सिटी पहले प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क 1200 से 1400 रुपए लेता था। अब उसको बढ़ाकर 3100 से 3300 रुपए कर दिया है। जो अनैतिक और अव्यावहारिक है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षा को अपना व्यापार बना दिया है। SDM और DSP पहुंचे धरना स्थल सूचना मिलने पर बाड़मेर SDM यशार्थ शेखर और DSP रमेश कुमार शर्मा धरना स्थल पहुंचे। स्टूडेट्स के साथ धरने पर बैठकर उनकी मांगों को सुना। साथ ही कॉलेज प्रिंसिपल मरनाली चौहान ने स्टूडेट्स को बताया कि फीस बढ़ाना यूनिवर्सिटी स्तर से हुआ है। हम4 अपनी मांग को उन तक पहुंचा देंगे। लेकिन स्टूडेट्स मनाने को तैयार नहीं है। फीस कम नहीं होने तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। महिपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि जिस समय दो सेमिस्टर का फॉर्मेट शुरू किया। उस समय फीस बढ़ाई थी। लेकिन अब एक साथ तीन गुणा फीस बढ़ा दी। स्कॉलरशिप लंबे समय से लंबित है उसको दी जाए। शिक्षा को व्यापार नहीं बनने नहीं देंगे। अब प्रशासन ने यूनिवर्सिटी कुल गुरू से बात करवाई है। उन्होंने दो दिन का आश्वासन दिया है। अगर दो दिन में फीस कम नहीं की जाती है तो हम अगले दिन फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे। समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्टूडेंट्स सुमन सोलंकी का कहना है कि हमारी फीस को एक गुणा को तो अलग बात है तीन गुणा बढ़ा दी गई है। हर कोई यह फीस नहीं भर सकता है। इससे अच्छा हम प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले लेते।


