टोंक में बनास महोत्सव एवं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर काव्य का महासंगम हुआ। तिरंगे से ठहाकों तक, हर रस ने श्रोताओं को देर रोके रखा। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने खूम समां बांधा। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में तालियों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही। तिरंगे पर कविता सुनाकर वेदव्रत वाजपेयी ने बांधा देशभक्ति का रंग वीर रस के विख्यात कवि वेदव्रत वाजपेयी ने तिरंगे और देशभक्ति पर ओजस्वी कविता प्रस्तुत कर माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। उनकी कविता पर श्रोताओं ने बार-बार तालियां बजाकर उत्साह जताया। हास्य रस में डूबा सभागार, दिनेश देसी घी ने खूब गुदगुदाया हास्य के धुरंधर कवि दिनेश देसी घी ने अपने हास्य रस से भरपूर काव्य पाठ से श्रोताओं को जमकर हंसाया। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से विदेशी संस्कृति को खतरनाक बताते हुए उसे न अपनाने का संदेश भी दिया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। व्यंग्य, गजल और तरन्नुम ने छोड़ी गहरी छाप हास्य कवि सूरत अजनबी ने करारे व्यंग्य कर सभागार में ठहाकों की झड़ी लगा दी। वहीं प्रसिद्ध शायर डॉ. जिया टोंकी ने गजल और तरन्नुम में शायरी सुनाकर खूब दाद बटोरी। उनकी प्रस्तुति पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे। राम, राजस्थानी शान और श्रृंगार रस की रही झलक कवि सम्मेलन का संचालन प्रदीप पंवार ने किया, जिन्होंने भगवान श्रीराम पर काव्य पाठ किया।रणजीत राणा ने ‘सरपंच पुराण’ और राजस्थानी शान पर कविता प्रस्तुत की।कवियित्री कोमल नाजुक और दीपा सैनी ने गीत, गजल और श्रृंगार रस की कविताओं से माहौल को भावुक और मधुर बना दिया। प्रशासनिक और सामाजिक गणमान्य रहे मौजूद देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, सीईओ परशुराम धानका, एसडीएम हुकमीचंद रोलानिया, नगर परिषद की पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक मधुसूदन सिंह, डॉ. राजीव बंसल, भगवान भंडारी, रोहित कुमावत, पवन सागर, तरुण टिक्कीवाल, रमेश काला, डी.डी. गुप्ता, एडवोकेट शैलेंद्र शर्मा, हंसराज धाकड़, राधेश्याम चावला, गोपाल नटराज, विनायक जैन, हरवंश शर्मा, ममता जाट मंजुला, शिमला शर्मा, डॉ. शानू बंसल, दिलीप साहू, प्रवीण सिंह सोलंकी, भगवान बाहेती, बद्रीलाल जाट, सत्यनारायण नामा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और श्रोता उपस्थित रहे।


