टोंक में नासिरदा उप तहसील क्षेत्र की पुनर्वास कॉलोनी रतनपुरा के ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (सा.नि.वि.) के अधिकारियों पर सड़क निर्माण में ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और प्रभारी मंत्री हीरा लाल नागर से इस मामले की जांच की मांग कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपचुनाव के दौरान नासिरदा क्षेत्र में करीब आधा दर्जन विस्थापित कॉलोनियों को जोड़ने के लिए स्वीकृत 40 लाख रुपए से डामरीकृत सड़कों का निर्माण कार्य करवाया गया था इसमें शामिल रतनपुरा विस्तार कॉलोनी तक 0.37मीटर लंबी सड़क के लिए 22 लाख रुपए की स्वीकृति थी, लेकिन मौके पर सड़क का निर्माण नहीं करवाया गया, जबकि इसका भुगतान उठा लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के लिए निर्धारित जगह पर किसी भी प्रकार का कार्य दिखाई नहीं देता है, इससे सरकारी खजाने का दुरुपयोग हुआ है। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच विधायक राजेंद्र गुर्जर समेत जिला प्रभारी मंत्री हीरा लाल नागर से मिलकर शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। मामले में सा.नि.वि. खंड अलीगढ़ के अधीक्षण अभियंता भगवानसिंह मीना ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि नासिरदा क्षेत्र में विस्थापित कॉलोनियों को जोड़ने के लिए सड़कों की स्वीकृति पैकेज के रूप में हुई थी और जहां-जहां परियोजना ने सड़कों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी। इसमें से जहां विस्थापित आबादी थी, वहां सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। रतनपुरा विस्तार तक स्वीकृत सड़क की शिकायत पर उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण किया है। उनके अनुसार संवेदक द्वारा बालाजी से रतनपुरा तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है। रही बात पुनर्वास रतनपुरा विस्तार तक सड़क निर्माण का तो उसका प्रस्ताव भिजवा दिया जाएगा। इनपुट: महेंद्र धाकड़, नासिरदा।


