टोंक में बीसलपुर बांध ने बनाया नया रिकॉर्ड:नहरों में पानी छोड़ने के 10 दिन बाद तक भरा रहा; इस साल का 10वां कीर्तिमान

इस साल जिले में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश से बीसलपुर बांध ने कई नए कीर्ति मान स्थापित है। इस एक सीजन में बीसलपुर बांध ने अब तक 10 रिकॉर्ड बना लिए है। हाल ही में 9वां और 10 वां रिकॉर्ड भी बीसलपुर बांध ने बना लिया है। यह रिकॉर्ड है बीसलपुर बांध की नहरों में पानी छोड़ने के 10 दिन तक बांध फुल भरा रहा। वहीं पहली बार बांध 19 दिसंबर तक फुल भरा रहा। इससे पहले के सालों में अक्टूबर, नवंबर माह में ही बांध खाली होने लग जाता था। जबकि इस साल 20 दिसंबर से बांध खाली होने लगा है। वह भी काफी कम खाली हो रहा है। नहरों ओर पेयजल सप्लाई में पानी छोड़ने के बावजूद आठ दिन में महज पांच सेंटीमीटर पानी बांध में कम हुआ है। आज बांध का जलस्तर 315.45 आर एल मीटर है। इस साल कम दिन छूटेगा नहरों में पानी: इस साल पिछले साल के मुकाबले नहरों में पानी कम छोड़ा जाएगा। क्योंकि गत साल बांध से नहरों में पानी 22 नवम्बर से 15 अमर्च तक 112 दिन तक पानी छोड़ा गया था। बीसलपुर बांध से इस बार करीब 80 दिन देरी से नहरों में 10 दिसंबर को पानी छोड़ा है। इससे पहले 4 दिसम्बर को ही बीसलपुर बांध का आखिरी गेट बंद किया था। इस साल बांध के 134 दिन गेट खुले रहे थे। इससे बनास नदी में बांध 140.821टीएमसी पानी व्यर्थ बहा था। इससे बीसलपुर बांध साढ़े तीन बार भर जा सकता था। दाईं नहर है सबसे बड़ी: बीसलपुर बांध की 51.6 किमी लम्बी दायीं और 18.65 किमी लम्बी बायीं नहर तथा वितरिकाओं (कुल लम्बाई करीब 750 किमी) की मरम्मत और सफाई का काम जोरों पर है। दोनों नहरों और उनकी वितरिकाओं के जरिए नास 81 हजार से अधिक क्षेत्रफल में उगी रबी की फसलों और सब्जियों को सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। साल 2019 में 64 दिन खुले थे गेट: इस साल बीसलपुर बांध लबालब होने पर 24 जुलाई को बांध का एक गेट खोला था। फिर पानी बढ़ा तो कुछ दिन बाद अधिकतम 8 गेट इस साल खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक कम होने बांध का एकमात्र गेट खोलकर रखा गया, जिसे 90 दिन बाद 21 अक्टूबर को बंद किया था। इसी के साथ बीसलपुर बांध ने लगातार सबसे अधिक 90 दिन पानी निकासी का रिकॉर्ड बनाया था। तेज बारिश से बढ़ी आवक, फिर खुले गेट: इस सीजन में बांध के गेट 24 जुलाई खोले गए थे और 21 अक्टूबर को बंद किए थे।अक्टूबर महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश होने से बांध में फिर से पानी की आवक बढ़ गई थी। इसके चलते पहली बार बांध के अक्टूबर माह के लास्ट वीक में 28 अक्टूबर को दोपहर को बांध का फिर एक गेट खोला गया था। उसे 4 दिसंबर को बंद किया था। किस साल कितना पानी बनास नदी में छोड़ा: बीसलपुर बांध के गेट अब तक 8 बार खोले जा चुके हैं। पहली बार इसमें 2004 में पानी रोका गया था।उस साल 26.18 टीएमसी पानी निकासी की गई थी। इसी तरह फिर 2006 में 43.25 टीएमसी, 2014 में 11.202 टीएमसी, 2016 में 134.238 टीएमसी, 2019 में 93.605 टीएमसी, 2022 में 13.246 टीएमसी, 2024 में 31.433 टीएमसी और इस साल 135 टीएमसी से ज्यादा पानी की निकासी बनास नदी में की गई है। बीसलपुर बांध प्रोजेक्ट के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी, पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है। 82 हजार हेक्टेयर में होती बांध की नहरों से सिंचाई: बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था। टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की 2 मुख्य नहरें हैं। एक नहर की कुल लंबाई 51.70 किलोमीटर व दूसरी की 18.65 किलोमीटर है। जिनसे जिले की 81800 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। मुख्य दाईं नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व बाएं नहर से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। ये बने है इस साल सात रिकॉर्ड: 1.दिसंबर माह में पहली बार गेट खुला रहना 2.सबसे ज्यादा पानी की निकासी होना 3.लगातार दूसरे साल गेट खुलना 4.पहली बार जुलाई में गेट खोलना 5.पहली बार अक्टूबर में फिर से गेट खुलना 6. पहली बार 4 दिसंबर तक बांध के गेट खुले रहना 7.सबसे ज्यादा दिनों (134 दिन) तक गेट खुले रहना 8.पहली बार देरी से 10 दिसंबर में नहरों में पानी छोड़ा 9. पहली बार 19 दिसंबर तक बांध फुल भरा रहना 10. नहरों में पानी छोड़ने के दस दिन तक भी भरा रहा पानी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *