टोंक जिले के उनियारा तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में ओले पड़ने से किसानों की रबी की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पाड़लीया चारण, रसूलपुरा, मोतीपुरा, बांसला अनवर नगर समेत एक दर्जन से ज्यादा गांवों में देर शाम करीब सवा 6 बजे से करीब पंद्रह मिनट तक भारी ओले गिरे। ओले गिरने से धरती पर सफेद चादर सी बिछ गई है। इससे रबी की फसलें गेहूं, चना और सरसों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलें कटाई के लिए तैयार थी कई स्थानों पर 100 ग्राम तक के बड़े ओले गिरने से फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इसको लेकर किसानों में भारी मायूसी है। किसानों का कहना है कि यह नुकसान ऐसे समय हुआ है जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं। 15-20 दिन बाद सरसों की तो कटाई की जानी थी। इससे पहले प्रकृति की क्रूर नियति ने पल भर में सब छीन लिया। खेती और आधारित किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गए है। उन्हें लाखों रुपए की आर्थिक क्षति हुई है। किसानों ने सरकार से सहायता राशि देने की मांग की है। अंडे के आकार के ओले गिरे इस साल आज से पहले तक मौसम काफी सामान्य सा रहा था। फसलें काफी अच्छी थी। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार खराब हुई खरीफ की फसल की भरपाई रबी फसलों से हो जाएगा। फसलें भी खेतों में पकने के कगार पर थी। मौसम भी साथ दे रहा था। लेकिन आज कई गांवों में 15- 20 तेज गति से अंडे के आकार के ओले गिरे की फसलें खराब हो गई। फसलों की पलिया टूट गई।


