जानलेवा हमले के आठ साल पुराने मामले में एडीजे टोंक महावीर महावर ने दोषी पाए गए दो दंपतियों (चार लोगों) को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला न्यायाधीश महावर ने यह फैसला देते हुए सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अपर लोक अभियोजक प्रदीप कुमार साहू ने बताया- 12 जुलाई 2017 को सुबह साढे 6 बजे देवली थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा में वहीं के सीताराम, बदरी देवी, माधोराम व गोपाली उर्फ किशन ने पोलूराम, गीता, दिलबर, सिंटू कुमारी व हेमा पर हथियारों के साथ हमला कर दिया। इसमें पोलूराम व गीतादेवी के गंभीर चोटें आई थी। इसको लेकर घायलों ने देवली थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि हत्या के इरादे से पोलूराम पर पहले खेत पर जाते समय इन हमलावरों ने लकड़ियों व कुल्हाड़ी से हमला किया। उसके बाद घर पहुंचकर फिर हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। घायलों को बचाने आए पड़ोसियों व घर की महिलाओं व बच्चों पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस मामले में न्यायाधीश ने दोषी पाए गए सीताराम, बदरीदेवी, माधोराम व गोपाली उर्फ किशन को दस – दस साल की सजा सुनाई हैं। साथ ही 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अपर लोक अभियोजक साहू ने बताया- इस प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट देवली में चालान पेश किया गया था। इसके बाद यह केस डीजे कोर्ट और वहां से एडीजे कोर्ट टोंक में रेफर होकर आया था। इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह व 30 दस्तावेज पेश किए थे।


