टोकन नहीं मिलने पर किसान ने कीटनाशक पीया:68 क्विंटल धान बेचने के लिए परेशान था;सांसद बोलीं-जहां आदिवासी सीएम वहां किसान जहर खाने को मजबूर

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में धान बिक्री के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने कीटनाशक पी लिया। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना हरदी बाजार थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, किसान का नाम सुमेर सिंह गोड़ (40) है। जो कोरबी के रहने वाले हैं। 68 क्विंटल से अधिक धान बेचने के लिए टोकन कटवाने में उन्हें लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा था। उनके पास फोन नहीं होने के कारण यह समस्या और बढ़ गई थी। परेशान होकर उसने कीटनाशक पी लिया। इस मामले में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि जहां आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, वहां आदिवासी किसान जहर खाने को मजबूर हो रहा है। गरीब आदमी जहर खाने को मजबूर हैं। इससे पहले महासमुंद के बागबाहरा में टोकन नहीं मिलने से किसान ने ब्लेड से खुद का गला काट लिया था। किसान की सांस नली कट गई थी। जिसे इलाज के लिए हालत गंभीर होने की वजह से रायपुर रेफर किया गया था। जानिए क्या है पूरा मामला? दरअसल, किसान सुमेर सिंह गोड़ के पास 3 एकड़ 75 डिसमिल भूमि है। इस वर्ष उन्होंने 68 क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन किया है। लेकिन टोकन नहीं मिलने के कारण किसान अपना धान नहीं बेच पा रहा था। ऐसे में वह काफी परेशान था। रविवार देर रात किसान ने आत्महत्या की नीयत से कीटनाशक का सेवन कर लिया। परिजनों जब उसकी जानकारी मिली तो वो फौरन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां किसान का इलाज जारी है। गिलास गिरने की आवाज सुनकर पहुंची पत्नी किसान की पत्नी मुकुंद बाई ने बताया कि देर रात करीब 1 बजे पति ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। गिलास गिरने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचीं और पड़ोसियों की मदद से उन्हें हरदी बाजार स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। शिकायत के बाद समस्या का समाधान नहीं कोरबी के ही रहने वाले किसान संजय श्रीवास ने बताया कि सुमेर सिंह टोकन कटवाने के लिए कई दुकानों, पटवारी और तहसीलदार के पास चक्कर लगाने पड़े। इसके बाद उन्होंने पीए को आवेदन दिया, लेकिन मदद नहीं मिली। डेढ़ महीने तक समाधान न मिलने के बाद उन्होंने जनदर्शन में भी शिकायत की, लेकिन समस्या का निपटारा नहीं हुआ। अस्पताल पहुंचीं सांसद घटना की सूचना मिलते ही कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत सोमवार को अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया। सांसद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में कभी कोई किसान धान बेचने के लिए इतनी परेशानी का सामना नहीं करता था। सरकार के दावों को कागजी बताया सांसद ने आगे कहा कि उनके दौरे के दौरान कई किसानों के टोकन नहीं कटने और रकबा न मिलने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। जब हमारे अन्नदाता खतरे में हैं, तो हम सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के दावों को कागजी और धरातलीय रूप से विफल बताया। उन्होंने कहा कि शासन पूरी तरह से फेल है। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें… किसान ने टोकन नहीं मिलने पर ब्लेड से काटा गला: 3 दिनों से परेशान था, मेकाहारा पहुंची कांग्रेस, भूपेश बोले-सरकार के लिए करारा तमाचा है छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसान ने ब्लेड से खुद का गला काट लिया। किसान की सांस नली कट गई है। बताया जा रहा है कि पिछले 3 दिनों से धान बेचने के लिए परेशान था। टोकन नहीं मिला तो हताश होकर गला काट लिया। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

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