TCS का मुनाफा 14% घटकर ₹10,657 करोड़:तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 5% बढ़ा; शेयरहोल्डर्स को हर शेयर पर ₹57 डिविडेंड मिलेगा

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 10,657 करोड़ रुपए का मुनाफा (कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर इसमें 14% की गिरावट आई है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 12,380 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने ऑपरेशन से 67,087 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया। सालाना आधार पर यह 5% बढ़ा है। पिछले साल की सामान अवधी में कंपनी ने 63,973 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं के बेचने से मिलने वाली राशि को राजस्व या रेवेन्यू कहा जाता है। इसमें टैक्स शामिल नहीं होता है। कंपनी ने 12 जनवरी को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए।​​​​​​ 57 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी TCS कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 57 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। 1 साल में 25% गिरा TCS का शेयर TCS का शेयर आज यानी 12 जनवरी को 1.10% यानी 35.20 रुपए चढ़कर 3,243 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 1% चढ़ा है। एक साल में करीब 25% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 11.71 लाख करोड़ रुपए है। 1968 में हुई थी TCS की स्थापना टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी। 2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है।

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