मोहाली में कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया मामले में पुलिस ने दो शूटरों को अरेस्ट किया है। आरोपियों की पहचान तरनदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों को आज हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुताबिक बड़ा ऑपरेशन था। इसमें तहत पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में सिक्किम पुलिस, मुंबई पुलिस, पश्चिम बंगाल STF, केंद्रीय एजेंसियों और हावड़ा की स्थानीय पुलिस का सहयोग रहा।
विदेशी हैंडलर का करीबी भी अरेस्ट
इसके अलावा, विदेश में बैठे हैंडलर अमर खाबे राजपूता के करीबी रिश्तेदार आकाश को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया जाएगा। मामले से जुड़े बाकी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं, ताकि पूरे मामले का पूरी तरह खुलासा किया जा सके। डीजीपी ने सुबह दिए संकेत बलाचौरिया केस में जब सुबह 10 बजे डीजीपी पंजाब से सवाल किया गया, तो उन्होंने दावा किया था कि इस मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पुलिस के पास काफी इनपुट हैं। इसके बाद दोपहर में पुलिस ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट डालकर खुलासा किया। 10 हथियारबंद पुलिसकर्मी किए थे तैनात 15 दिसंबर को मोहाली के सोहाना में कबड्डी कप चल रहा था। इस दौरान सेल्फी लेने के बहाने दो युवक आए, जिन्होंने पहले राणा बलाचौरिया के मुंह पर शॉल मारी। इसके बाद उनके सिर पर गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह नीचे गिर गया। तुरंत लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फोर्टिस अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया। अदालत ने घटना के समय किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल उठाया। सरकार की ओर से बताया गया कि कबड्डी मैच के दौरान लगभग 900 से 1,000 लोग मौजूद थे और हत्या शाम 5:55 बजे हुई। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे और सुरक्षा के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात थे। सरकार ने बताया कि मौके पर 10 हथियारबंद पुलिसकर्मी मौजूद थे। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि दो शूटर हजारों लोगों की मौजूदगी में खुलेआम गोलियां चलाकर फरार हो गए। इससे पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।


