मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक दर्दनाक हादसे ने आदिवासी परिवार को तबाह कर दिया। लुधावली क्षेत्र के बायपास पर स्थित एक कच्चे मकान पर ट्रक पलट गया, जिसमें मां और उसकी बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई। यह घटना उस परिवार के साथ हुई, जो पिछले 15 वर्षों से सरकारी आवास के लिए गुहार लगा रहा था। घटना के बाद पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। रातभर परिवार के सदस्य अलाव के सहारे सड़क किनारे बैठे रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह आदिवासी परिवार खतरनाक मोड़ पर खाली पड़ी जमीन पर कच्चा मकान बनाकर रह रहा था। उन्हें हर समय गुजरते वाहनों से खतरा बना रहता था, लेकिन रहने के लिए कोई दूसरी जगह न होने के कारण वे यहीं रहने को मजबूर थे। इस दुर्घटना ने एक बार फिर गरीब और आदिवासी परिवारों की आवास समस्या को उजागर किया है। पिछले कई सालों से आवास की मांग करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला और अंततः परिवार को अपनी दो सदस्यों की जान गंवानी पड़ी। इस हादसे में तीन परिवार बेघर हो गए हैं। भास्कर ने हादसे में मां हरकुंअर और छोटी बहन सरोज को खो चुकी 15 साल की काजल आदिवासी ने सिलसिलेवार पूरा हादसा बताया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… आखों के सामने दब गई मां और छोटी बहन घर के अंदर उसके जीजा शरमन और मामा विजय आदिवासी सो रहे थे। मां हरकुंअर खाना खा रही थीं। जिस वक्त घटना हुई वह भीतर वाले कमरे की देहरी पर खड़ी थी और उसकी छोटी बहन सरोज (11) घर के बाहर की देहरी पर खड़ी थी। एकाएक तेज आवाज के साथ मकान की दीवार गिर गई और ट्रक पलट गया। मैं भीतर की ओर भागी इसलिए बच गई। इसमें मां हरकुंअर (40) और छोटी बहन सरोज (11) ट्रक के नीचे समा गए। तीन परिवार हुए बेघर, खुले में बिताई रात ट्रक पलटने से तीन कच्चे मकान पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गनीमत रही कि जिस वक्त दुर्घटना घटी उस वक्त दो परिवारों के सदस्य घर पर नहीं थे, नहीं तो ओर बड़ी घटना घट सकती थी। जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए उनमें गुड्डू राजक, अमर आदिवासी और उसका भाई दौजू आदिवासी के नाम शामिल हैं। घटना के वक्त गुड्डू रजक मकर संक्रांति पर अपने गांव नरसिंगपुर गया था, वहीं दौजू आदिवासी भी परिवार सहित मजदूरी के लिए गया हुआ था। दुर्घटना के समय अमर सिंह आदिवासी के घर पांच लोग थे, जिनमें से दो की मौत हो गई। हरकुंअर और उसकी छोटी बेटी सरोज की मौत के बाद प्रशासन ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। लेकिन शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद जब परिवार अंतिम संस्कार कर लौटा तो उनके पास सिर छुपाने की जगह तक नहीं बची थी। परिवार रात में अलाव के सहारे सड़क किनारे बैठा था। आज सुबह भी जब मौत की सूचना मिलते ही परिजन और परिचित पहुंचे तो उन्हें भी सड़क पर ही बैठना पड़ा। ऐसे में पीड़ित परिवार की मदद के लिए कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। चश्मदीद विपत सिंह बोला-शराब के नशे था ड्राइवर चश्मदीद विपत सिंह ने बताया कि करीब साढ़े 3 बजे के लगभग गुना बायपास की ओर से लहुसन से भरा एक ट्रक आया और मोड़ पर ट्रक का एक हिस्सा ऊपर उठ गए था। इसके बाद ट्रक दाहिने पहियों के बल कुछ दूर तक चला और अमर सिंह मकान के ऊपर पलट गया। ड्राइवर परजेश पास के ही गोशाला क्षेत्र का रहने वाला हैं, जिसने पहले वहां शराब पी, फिर थोड़ी देर बाद ट्रक को पलटा दिया। बेटी को पढ़ा-लिखा रहा था पिता पत्नी और बेटी की मौत से दुखी अमर सिंह ने बताया कि उसके बेटा नहीं था। बड़ी बेटी की शादी के बाद मझली बेटी को वह नहीं पढ़ा पाया था। लेकिन, जब तीसरी बेटी हुई तो उसने सबसे छोटी बेटी को पढ़ाने का मन बना लिया था। उसकी बेटी कक्षा 7 में अध्ययन कर रही थी। लेकिन, सड़क दुर्घटना ने उसकी पत्नी और बेटी को छीन लिया। 10 सालों से आवास की लगा रहे थे गुहार अमर सिंह ने बताया कि वह रन्नौद के हिनोतिया गांव का रहने वाला हैं। करीब 15 साल पहले वह अपनी पत्नी और एक बेटी को लेकर शिवपुरी रहने आ गया था। यहां वह मजदूरी कर अपना जीवन गुजर बसर करने लगा था। इसके बाद उसने स्थायी पता और राशन कार्ड, आधार कार्ड सभी शहर के बनवा लिए थे। करीब 10 से वह आवास के लिए पट्टे और आवास योजना के तहत आवास दिलाने की मांग को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। पट्टे के लिए किया हैं आवेदन वार्ड 17 से भाजपा पार्षद राजा यादव ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले अमर सिंह आदिवासी सहित अन्य आदिवासियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए पट्टे के लिए कलेक्टर के पास फाइल भेजी थी। लेकिन, पट्टे की मंजूरी अब तक नहीं मिली हैं। कलेक्टर ने किया मुआयना घटना के बाद कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने मौके का मुआयना किया। यहां उन्होंने अंधे मोड पर डिवाइडर बनवाने सहित सड़क किनारे पेड़ों को छांटने के निर्देश दिए। यह कार्य तीन दिनों के भीतर किया जाएगा। वहीं कलेक्टर ने मृतक मां-बेटी के परिजनों के लिए रेडक्रॉस से 25 – 25 हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। साथ 10 पीड़ित परिवार को अलग से 10 हजार के साथ 5-5 हजार की अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई है। कलेक्टर ने दुर्घटना राशि के तौर पर 30 हजार रुपए अलग से उपलब्ध कराने की भी बात कही है। संबंधित खबर पढ़ें… मकान पर पलटा ट्रक, आग ताप रही मां-बेटी की मौत:शिवपुरी में हादसे में दो लोग घायल शिवपुरी में लहसुन से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर एक कच्चे मकान पर पलट गया। वहां ठंड से बचने के लिए आग ताप रहे घर के लोग ट्रक की चपेट में आ गए। जिससे दो की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसा गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे लुधावली बायपास पर हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही आईटीबीपी की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। पूरी खबर पढ़ें


