ट्रांसपोर्ट विभाग के कर्मचारी का एक और कारनामा खुद को बचाने के लिए जमा करवा दी जाली आरसी

भास्कर न्यूज | अमृतसर रामतीर्थ रोड स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में अक्तूबर में पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट सोसायटी के कर्मचारी सुखजिंदर सिंह द्वारा पैसे लेकर चालान निकाले जाने मामले की जांच पूरी होने के बाद अभी तक कोई कर्रवाई भी नहीं की गई और अब एक और आरोप लगा है। अब आरोप है कि उक्त कर्मचारी ने पैसे लेकर निकाले गए चालान की जाली आरसी बनवाकर विभाग में जमा करवा दिया। चालान को जमा करवाने में मौजूदा कलर्क ने भी नियमों की परवाह नहीं की और चालान को जमा कर दिया। हैरानी की बात है कि उक्त कर्मचारी यहां तैनात नहीं है और उसके पास इसका कोई चार्ज भी नहीं है तो ऐसे में मौजूदा क्लर्क ने किन नियमों के साथ उससे चालान जमा करवा लिए। फिलहाल यह सारा मामला सुलझने की बजाय और तूल पकड़ता जा रहा है। उक्त कर्मचारी की ओर से विभाग को जाली आरसी जमा करवाने के मामले की शिकायतें भी ट्रांसपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को की गई है। समाज सेवक अमृतपाल सिंह बबलू और अनुज खेमका ने शिकायत करके आरोप लगाया है कि उक्त कर्मचारी ने अपने बचाव के लिए एक और नया खेल खेल दिया। इसलिए मामले की गंभीरता से जांच करवाई जानी चाहिए और वह भी जांच करवाई जाए कि जो आरसी जमा हुई है वह असली है या नकली। वहीं यह मामला आरटीओ खुशदिल सिंह संधू के पास भी पहुंचा है। उनका कहना है कि मामले की जांच पहले ही करवाई जा चुकी है और रिपोर्ट स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेज दी गई है। अब उसमें ही विभागीय कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में उस जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई कर दी जाएगी। मामला 29 अक्तूबर 2025 को उस समय सामने आया था जब जूनियर सहायक कंवलप्रीत कौर का तबादला तरनतारन में हो गया तो करीब 228 चालान पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट सोसायटी के कर्मचारी सुखजिंदर सिंह को दे गई। यह चालान अनऑफिशियल तौर पर देकर गई थी। इन चालानों में से उक्त कर्मचारी ने एक चालान जिसकी आरसी उसने 2 हजार रुपए लेकर दे दी। यह आरसी इब्बनकलां की रहने वाली महिला बलविंदर कौर की थी। चालान निकलवाने के लिए महिला के रिश्तेदार सोसायटी के कर्मचारी के पास पहुंचे तो उसने 2000 रुपए लेकर चालान निकालकर दे दिया। इसके बाद मामला बढ़ा तो ​इसकी शिकायत भी की गई जिसकी जांच आरटीओ खु​शदिल सिंह संधू ने करवाई। जांच करने के लिए तीन मैंबरी कमेटी बनाई गई, जिसमें एआरटीओ मनदीप सिंह सोही, एसओ गुरमनदीप सिंह और स्टेनो गुरप्रीत सिंह को सौंपी गई थी। टीम ने करीब एक माह पहले जांच पूूरी कर आरटीओ को सौंप दी, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरटीओ खुशदिल सिंह संधू से बात की गई तो उनका कहना था कि इस मामले में पहले ही जांच पूरी हो चुकी है। अब तो उच्चाधिकारियों की तरफ से कार्रवाई की जानी है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई होगी। पंजाब स्टेट ट्रांसपोर्ट सोसायटी के कर्मचारी सुखजिंदर सिंह का कहना है कि उस पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। उसने चालान पहले जमा करवा दिए थे तो अब उसका चालान जमा करवाने का कोई कारण ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि जाली आरसी जमा करवाने की बात गलत है। भास्कर न्यूज|अमृतसर थ्री-आर कंपनी की तरफ से 85 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम बेल बजाकर 1 जनवरी से शुरू कराया जाना है। मगर कंपनी की तरफ से तैयार किए गए ऐप बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी ) में अब तक 6 संस्थानों व होटल्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। 100 किलो से कूड़ा जनरेटरों में रजिस्ट्रेशन कराने वालों में रेबल रेस्ट्रो बार, अरोरा ढाबा, होटल इंटरनेशनल, वरुन हास्पिटल क्लीनिक नवजीत हंग हॉस्पिटल/क्लिनिक और मॉल्स कैटेगरी में विशाल मेगामार्ट का नाम शामिल है। जबकि घर-घर क्यूआर कोड लगवाने का काम अभी भगवान भरोसे ही नजर आ रहा है।

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