ट्रांसफर पॉलिसी और शिक्षा में सुधार को लेकर हुई चर्चा:झुंझुनूं में गौरव सेनानी शिक्षक संघ का शैक्षिक अधिवेशन संपन्न

परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, झुंझुनूं में रविवार को गौरव सेनानी शिक्षक संघ का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। जिलेभर से आए पूर्व सैनिक शिक्षकों ने इस आयोजन के अंतिम दिन शिक्षा में सुधार, खेल एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा की और महत्वपूर्ण निर्णय लिए। संगठन ने दूरस्थ जिलों में पदस्थापित शिक्षकों के स्थानांतरण में प्राथमिकता का लाभ दिलाने के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपने का फैसला भी किया। अधिवेशन में वक्ताओं ने पूर्व सैनिक शिक्षकों के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणा बताया, वहीं शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना बताया। दूसरे सत्र में वर्षभर में पदोन्नत और सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त जिले की सभी ब्लॉक इकाइयों के अध्यक्षों की घोषणा भी की गई। झाझड़िया बोले- अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा शिक्षा के लिए प्रेरणा
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीईओ जयदीप झाझड़िया ने किया। अध्यक्षता जिला साक्षरता अधिकारी योगेंद्र सिंह ने की। मुख्य अतिथि झाझड़िया ने पूर्व सैनिक शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि जिले के विद्यालयों में पूर्व सैनिक शिक्षक न केवल पढ़ाई में, बल्कि अनुशासन और खेलों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इसे उनकी सैन्य पृष्ठभूमि का परिणाम बताया, जिससे विद्यार्थी नई ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जिला साक्षरता अधिकारी योगेंद्र सैनी ने शिक्षा को सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और बच्चों के नैतिक विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। शिक्षाविद बोले- प्रेरक की भूमिका निभाएं पूर्व सैनिक शिक्षक
प्रांतीय अध्यक्ष राजपाल फौगाट ने स्वागत भाषण में संगठन की गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन शिक्षाविद एवं निदेशक ग्रुप ऑफ डिफेंस गुलजारी लाल कालेर ने पूर्व सैनिक शिक्षकों को शिक्षा विभाग में प्रेरक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष संजीव खरबस ने कार्यक्रम में आए सभी मेहमानों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और संगठन की भावी योजनाओं को साझा किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश महला, निदेशक रविंद्र पब्लिक स्कूल नरेंद्र झाझड़िया, वीरांगना सावित्री देवी, मनजीत चौधरी और सुरेंद्र आबुसरिया भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दूरस्थ पदस्थापित शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए ज्ञापन
अधिवेशन में सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। संगठन ने फैसला किया कि 2022 में प्राथमिकता सूची हटाने के कारण दूरस्थ जिलों में पदस्थापित हुए पूर्व सैनिक शिक्षकों के लिए संगठन सरकार को ज्ञापन सौंपेगा। इस पहल से भविष्य में उनके स्थानांतरण में प्राथमिकता का लाभ दिलाने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे उन्हें गृह जिले के निकट आने में मदद मिलेगी। पदोन्नत और सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान दूसरे सत्र में बीते एक वर्ष में पदोन्नत और सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का सम्मान किया गया। प्रधानाचार्य बने बोदनराम चावला और डॉ. नरेंद्र, व्याख्याता बने राजेश राहड़ और राजपाल फौगाट, नवनियुक्त व्याख्याताओं अशोक कुमार, रोहतास कुमार और महेंद्र कुमार तथा सेवानिवृत्त शिक्षक रिद्धूसिंह का साफा, माला और शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। इसके बाद जिले की प्रत्येक ब्लॉक इकाई के अध्यक्षों की घोषणा की गई। बजरंग लाल गुर्जर (बुहाना), महेंद्र कुमार (नवलगढ़), महावीर श्योराण (अलसीसर), शीशराम धीवा (उदयपुरवाटी), डॉ. नरेंद्र रायल (चिड़ावा), गोपाल सिंह (सूरजगढ़), राजेंद्र कुमार यादव (खेतड़ी), सुशील कुमार (सिंघाना), प्रेम सिंह (पिलानी) और जितेंद्र नेहरा (झुंझुनूं) को कार्यकारिणी में स्थान दिया गया। रविंद्र धनकड़ को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम में महिला सदस्यों में सरिता, कल्पना, सुमित्रा, संगीता, उर्मिला, मोनिका और उषा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *