ट्रेड डील के नाम पर भारत को डंप यार्ड बनाए जाने की साजिश की आलोचना

किस्को|किस्को क्षेत्र में शबे-ए-बारात के पाक मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ इबादत की। बीते मंगलवार की रात करीब 8 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक लोगों ने घरों और मस्जिदों में खुदा की बारगाह में सजदा किया, दुआएं मांगीं और अपने गुनाहों की माफी तलब की। इस अवसर पर उलेमाओं ने बताया कि शबे-ए-बारात गुनाहों से तौबा करने और अल्लाह से रहमत मांगने की रात है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार यह रात बेहद अहम मानी जाती है, जिसमें मांगी गई दुआएं कबूल होती हैं और बंदों की तकदीर लिखी जाती है। उलेमाओं ने कहा कि शबे-ए-बारात की रात नमाज, कुरान की तिलावत, तस्बीह, सलातुत तस्बीह, तहज्जुद और नफिल नमाजों का खास महत्व है। ईशा और फज्र की नमाज जमाअत के साथ अदा करने की खास ताकीद की गई। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई फज्र की नमाज अदा नहीं करता है, तो रात की इबादत का पूरा सवाब नहीं मिलता। इस दौरान लोगों ने कब्रिस्तानों में जाकर अपने मरहूम परिजनों के लिए दुआएं कीं और फातिहा पढ़ी। शबे-ए-बारात के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नफ्ली रोजा रखने के लिए सेहरी की और दिनभर रोजा रखकर खुदा की इबादत में मशगूल रहे। शाम करीब साढ़े 5 बजे मगरिब की नमाज के बाद इफ्तार किया जाएगा। उलेमाओं ने बताया कि शबे-ए-बारात के बाद रखा जाने वाला रोजा नफ्ली होता है, लेकिन इसे रखने से सवाब में इजाफा होता है। पूरी सच्चाई और खलूस के साथ की गई इबादत से गुनाहों की मगफिरत होती है। गुमला|झारखंड जेनरल कामगार यूनियन ने ट्रेड डील के नाम पर भारत को डंप यार्ड बनाये जाने की साजिश की आलोचना की है। इस संबंध में यूनियन के केंद्रीय सह जिला सचिव सुरेश प्रसाद यादव ने कहा है कि अमेरिका के दबाव में किए गए इस डील का सीधा असर भारतीय किसान, छोटे उद्योगों और घरेलू उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि पहले ही कर्ज, महंगाई और सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के कारण किसानों की कमर टूट चुकी है। यह ट्रेड डील भारत के मेक इन इंडिया की अवधारणा के खिलाफ है। अमेरिका 18 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा जबकि भारत 0 प्रतिशत टैरिफ पर अमेरिकी उत्पादों का आयात करेगा। अमेरिका के लिए कृषि सेक्टर खुला तो किसान और डेयरी उत्पादक बर्बाद हो जाएंगे। साथ ही, छोटे उद्योग और व्यापारी बाजार से बाहर हो जाएंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *