ट्रेनों में नहीं मिल रही सीट, यात्रियों की परेशानी बढ़ी:14 मार्च को होली, बोकारो से दिल्ली-मुंबई जाने-आने वाली ट्रेनों में अभी से लंबी वेटिंग

दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों से‎ होली में धनबाद आने वाली सभी‎ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। होली 14 ‎मार्च को है। होली से पहले घर‎ वापसी के लिए धनबाद आने वाली‎ ट्रेनों में अभी से मारामारी दिखने‎ लगी है। एक से 13 मार्च के बीच ‎सभी बड़े शहरों से चलने वाली ट्रेनों‎ में वेटिंग लिस्ट की स्थिति हो चुकी ‎है। मुंबई मेल, अलेप्पी,‎सूरत-मालदा टाउन, गंगा सतलज, पुरुषोत्तम, एलेप्पी, नीलांचल, हैदराबाद-सिकंदराबाद सहित किसी भी ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ‎तत्काल में भी टिकट मिलना ‎आसान नहीं
वेटिंग ‎लिस्ट बढ़ती जी रही, ऐसे में वेटिंग‎ टिकट का कंफर्म होना मुश्किल है। ‎तत्काल में भी टिकट मिलना ‎आसान नहीं है। बिना आरक्षण के‎आने की तो सोच भी नहीं सकते।‎ जबकि होली में ट्रेनों की जनरल‎ बोगियों में भी पैर तक रखने की‎ जगह नहीं होती।‎ होली में धनबाद के लोग जाएंगे मथुरा और राजस्थान‎
‎होली में धनबाद के लोग बड़ी संख्या में ‎‎राजस्थान और मथुरा जा रहे हैं। होली से एक ‎‎महीने पहले की तिथि से ही राजस्थान और‎‎ मथुरा जाने वाली सभी ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। ‎‎सियालदह-अजमेर, हावड़ा-जोधपुर, बीकानेर ‎दुरंतो, हावड़ा-बीकानेर, कोलकाता-ग्वालियर, हावड़ा-मथुरा, कोलकाता-आगरा‎ एक्सप्रेस में 1 से 13 मार्च के बीच लंबी वेटिंग चल रही है। मथुरा की होली देश‎ में खास होती है। एक महीने तक चलने वाला उत्सव फरवरी में शुरू होकर मार्च में‎ मथुरा होली समारोह के साथ समाप्त होता है। गोकुल, वृन्दावन, बरसाना, नंदगांव से ‎लेकर मथुरा तक में चलने वाले कार्यक्रम मंत्रमुग्ध कर देते हैं। राधा रानी की नगरी ‎बरसाना की लट्ठमार होली विश्व में भी जानी जाती है। जबकि उदयपुर की ओल्ड‎सिटी में होली पर भव्य उत्सव होता है। जगदीश मंदिर और गणगौर घाट पर भव्य‎ आयोजन में देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं। लोक नृत्य और लोक गीत होते हैं, ‎रात को अद्भुत आतिशबाजी होती है। होली पर उदयपुर के होटल और रिसॉर्ट में ‎भी इवेंट होते हैं। पर्यटकों को स्पेशल पैकेज दिया जाता है।‎ खाटू श्याम में खजाना लूटने पहुंचते हैं श्रद्धालु‎
राजस्थान के सीकर जिले के खाटू कस्बे में होली में बड़ी ‎संख्या में श्याम भक्त खाटू श्यामजी का खजाना लूटने आते‎ हैं। साल में एक बार की यह परंपरा है कि धुलण्डी को सुबह‎से अपराह्न तक श्याम भक्त खाटू श्यामजी में होली खेलते हैं।‎ इसमें धनबाद से भी बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। यहां शाम में विशेष फूलडोल आरती के बाद चढ़ावे में से सिक्के ‎प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं, जिसे बाबा का खजाना कहते‎ हैं। सिक्के को लोग अपने व्यापार में वृद्धि के लिए गल्लों व ‎तिजोरियों में रखते हैं। होली के दौरान काफी भीड़ होती है।‎ फ्लाइट का है विकल्प, अभी बुक कराएं तो कम लगेगा किराया‎
धनबाद आने वालों के लिए अब फ्लाइट का विकल्प बचा है। धनबाद आने के लिए‎रांची, दुर्गापुर और देवघर की फ्लाइट पकड़ सकते हैं। अगर फ्लाइट से आने की योजना‎बना रहे हैं तो अभी से टिकट बुक करा लें। अभी टिकट लेने से किराया कम लगेगा।‎होली से पहले लगभग सभी रूटों की फ्लाइट का किराया दो गुना तक बढ़ जाता है।

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