उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में कार्यरत एक टीटीई ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। उन्होंने ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला यात्री का खोया हुआ बैग, जिसमें लैपटॉप और मोबाइल जैसे कीमती सामान थे, ढूंढकर उन्हें सुरक्षित लौटाया। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि टीटीआई कन्हैयालाल खटीक सोमवार को ट्रेन संख्या 22476 कोयंबटूर-हिसार सुपरफास्ट में जोधपुर से बीकानेर के बीच टिकट चैकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। कोच ए-4 से गायब हुआ था बैग जोधपुर स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के कुछ ही देर बाद कोच ए-4 में कोयंबटूर से बीकानेर यात्रा कर रही महिला यात्री अंशुल ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका बैग चोरी हो गया है, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और क्रेडिट-डेबिट कार्ड्स व अन्य जरूरी दस्तावेज थे। अगले कोच में बिखरा मिला सामान शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीटीई कन्हैयालाल ने तुरंत कोचों में तलाश शुरू की। जांच के दौरान कोच ए-5 की साइड लोअर बर्थ पर एक खुला हुआ पिट्ठू बैग मिला। वहां सीट पर सामान बिखरा हुआ था और पर्दा लगा हुआ था। टीटीई ने महिला यात्री को बुलाकर बैग दिखाया गया तो उन्होंने उसे अपना बैग पहचान लिया। जांच में बैग के भीतर रखा लैपटॉप, मोबाइल फोन, क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड सहित सभी दस्तावेज सुरक्षित मिले। सभी सामान की पुष्टि के बाद टीटीई कन्हैयालाल खटीक ने बैग और उसमें रखी वस्तुएं विधिवत रूप से महिला यात्री को सौंप दीं। महिला यात्री अंशुल ने टीटीई की तत्परता और ईमानदारी के साथ-साथ रेलवे प्रशासन की कार्यकुशलता की सराहना की और आभार व्यक्त किया। मंडल स्तर पर भी इस पूरे प्रकरण को उदाहरण के तौर पर देखते हुए इसे यात्री सेवा और सुरक्षा के प्रति रेलवे स्टाफ की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।


