सवाई माधोपुर में डूंगरी बांध रद्द करने की मांग को लेकर इकट्ठा हुए 76 गांवों के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पत्थर लगने से कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए और पुलिस के वाहन डैमेज हो गए। इसके बाद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कलेक्ट्रेट जाने का रास्ता बंद कर दिया। दरअसल, डूंगरी बांध रद्द करो संघर्ष समिति की ओर से सवाई माधोपुर में कलेक्ट्रेट पर ट्रैक्टर रैली के रूप में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम था। अजनोटी गांव में डूंगरी बांध रद्द करने की मांग को लेकर 76 गांवों की सभा रखी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि डूंगरी बांध निर्माण में उनके खेत और जमीनें आ रही हैं। सभा में वक्ता भाषणबाजी करने लगे तो ग्रामीण नाराज हो गए। इस दौरान कुछ युवक ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने रोक दिया। इस पर पीछे खड़े ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। देखें ट्रैक्टर रैली और पथराव की तस्वीरें… 76 गांवों के लोग हुए थे इकट्ठा
सवाई माधोपुर के अजनोटी गांव में बुधवार दोपहर 12 बजे आम सभा में सवाई माधोपुर और करौली जिले के 76 गांवों के लोग इकट्ठा हुए थे। कलेक्ट्रेट से 12 किमी दूर स्थित अजनोटी गांव में आम सभा के दौरान वक्ताओं की ओर से भाषणबाजी की जा रही थी। तभी कुछ युवाओं ने इस भाषणबाजी का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट जाने की बात कही। इससे यहां का माहौल बिगड़ गया और कुछ युवा जबरन ट्रैक्टर लेकर सवाई माधोपुर की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने इन ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर ड्राइवर रुके नहीं। इस दौरान आंदोलन में शामिल लोगों ने पुलिस के ऊपर पथराव कर दिया। मेगा हाईवे पर जाम के हालात बने
पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आई और पुलिस की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस पर जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर जाम के हालात बन गए। अजनोटी से लेकर सवाई माधोपुर तक पूरा हाईवे पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एडिशनल एसपी नीलकमल और मलारना डूंगर SDM संदीप बहरण ने ग्रामीणों को समझाकर कलेक्ट्रेट कूच करने से रोका और मांगों का ज्ञापन लिया। इसके बाद ग्रामीण अपने गांवों की ओर लौट गए।


