ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे शहरवासी:शहर में 8 हजार ठेले, 5 हजार नॉन वेंडिंग जोन में, हटाने के बाद फिर वहीं जम जाते

नगर निगम शहर में बिना लाइसेंस और नॉन वेंडिंग जोन में व्यवसाय कर रहे पथ विक्रेताओं को हटाने की लगातार कार्रवाई कर रहा है। निगम में प्रशासक लगने के बाद नवंबर से अब तक 8 कार्रवाई हो चुकी हैं। लेकिन, अब भी यह नाकाफी है। निगम क्षेत्र के 30 एरियों में 53 वेंडिंग और 97 नॉन वेंडिंग जोन है। नोन वेंडिंग जोन में अस्थायी अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि कार्रवाई के बाद निगम की ओर से लगातार मॉनिटरिंग नहीं की जाती है। ऐसे में ये फिर वहीं आकर जम जाते हैं। निगम इनके खिलाफ स्थायी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। खास बात यह है कि निगम ने 2018 में आखिरी बार 1150 विक्रेताओं को वेंडिंग जोन में ठेला चलाने का लाइसेंस दिया था। इनमें ठेला संचालक, सब्जी विक्रेता, सीजनल लॉरी संचालक शामिल थे। कोरोनाकाल के बाद से किसी को लाइसेंस नहीं दिए गए। साल 2022 में सर्वे के दौरान शहर में 3059 पथ विक्रेता मिले थे। तब सर्वे की पर्ची देकर सभी को वेंडिंग जॉन में शिफ्ट किया गया था। लेकिन, अब इनकी संख्या बढ़कर 7 से 8 हजार के करीब पहुंच चुकी है। यानी करीब 5 हजार से ठेले अब नोन वेंडिंग जाेन में जम गए हैं। पथ विक्रेताओं की गणना करने के लिए निगम हर 5 साल में सर्वे करवाती है। नॉन वेंडिंग जॉन में व्यवसाय कर रहे व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई कर लाइसेंस लेने के लिए कहा जाता है। शुरूआत में इन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट करते है। यहां कुछ समय के व्यवसाय करने के लिए सर्वे की पर्ची दी जाती है। पिछली बार 2022 में सर्वे हुआ था। तब 3059 व्यवसायी सामने आए थे। इस साल निगम सीमा का विस्तार हो जाएगा। ऐसे में सरकार के आदेश पर निगम इसी साल सर्वे करवा सकती है। इस बार नहीं होने पर अगला सर्वे 2026 में करवाया जाएगा। ट्रैफिक की बदहाली के पीछे नॉन वेंडिंग जोन में खड़े ठेले बड़ी वजह, त्योहारों पर और ज्यादा बढ़ जाती है दिक्कत
शहर में सबसे ज्यादा पथ विक्रेता नॉन वेंडिंग जोन में ही जमे हुए हैं। इन क्षेत्रों में ठेला लगाने ने फुटपाथ के आस-पास व्यवसाय करने से रोड संकरी हो जाती है। यहां से निकलने वाले वाहनधारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन ट्रैफिक जाम हो जाता है और पुलिस भी इसमें जूझती रहती है। त्योहारों के समय खासतौर पर दिक्कतें आती है। निगम भी वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट होने से पहले इन मार्गों को कार्रवाई कर सफाई कर देता है। लेकिन, बाद में हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं। शहर के 30 क्षेत्रों में 97 नॉन वेंडिंग और 53 वेंडिंग जोन वेंडिंग जोन – शोभागपुरा 100 फीट रोड, आवरी माता, अशोक नगर, बीएन कॉलेज, सीए सर्किल, चेतक, हाथीपोल, दूधतलाई, फतहपुरा, गोवर्धन विलास, गुलाब बाग, हाड़ी रानी सर्किल, हिरणमगरी सेक्टर 3-4, जवाहर पार्क, खेमपुरा, कुम्हारों का भट्‌टा, लैबर चौराहा, फतहसागर, मधुबन, श्रम एवं रोजगार ऑफिस, सुखाड़िया यूनिवर्सिटी, पटेल सर्किल, प्रतापनगर, सेक्टर-14, सज्जन नगर, सेक्टर-11, शिक्षा भवन चौराहा, सूरजपोल, साइफन चौराहा और उदियापोल वेंडिंग जोन में शामिल है। ये आते हैं पथ विक्रेता की श्रेणी में
रेहड़ी पर, साइकिल पर, ठेले पर और फुटपाथ पर बैठकर व्यापार करने वाले लोग पथ विक्रेताओं की श्रेणी में आते हैं। ये फल-सब्जी, खाने-पीने के खाद्य पदार्थ, कपड़े, बर्तन, जूते-चप्पल समेत अन्य घरेलू चीजें बेचते हैं। आजकल आईसक्रीम सहित कोल्ड कॉफी आदि के छोटे कार्ट भी रोड पर लगने लगे हैं। निगम में प्रशासक लगने के बाद ठेले हटाने की 8 कार्रवाई

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *