स्कूल बस खेत में पलटी, 10 बच्चे और ड्राइवर घायल:2020 में बस की फिटनेस एक्सपायर; लोग बोले- पुलिस को 40 कॉल किए

स्कूल के बच्चों से भरी बस सरसो के खेत में बेकाबू होकर पलट गई। बच्चों की चीख-पुकार मच गई। खेत में काम कर रहे किसान बस की तरफ दौड़े और घायल बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में 10 छात्र और ड्राइवर घायल हो गया। घटना सोमवार सुबह 7.30 बजे कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड सदर थाना इलाके के रामसिंहपुरा गांव में हुई। जानकारी के अनुसार- बहरोड़ के कमला पब्लिक स्कूल की बस ( RJ 32 PA 0789 नंबर) थाना इलाके के गांव खातनखेड़ा से लेकर नारेड़ा कला गांव की तरफ जा रही थी। इस दौरान रामपुरा गांव में बस बेकाबू होकर सरसो के खेत में पलट गई। खेत में काम कर रहे किसान परिवारों ने बच्चों और ड्राइवर को निकाला और पुलिस को सूचना दी। बहरोड़ कोतवाल विक्रांत यादव और सदर थानाधिकारी सीमा सिनसिनवार मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शी बोला- 3 बार पलटकर खेत में गिरी रामसिंहपुरा गांव के प्रत्यक्षदर्शी सोनू यादव ने बताया- मैं परिवार के कुछ बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने के लिए रोड किनारे खड़ा था। हमारे परिवार के बच्चे अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान खातनखेड़ा की ओर से आ रही कमला पब्लिक स्कूल की बस तेजी से पास से निकली। मैं ड्राइवर पर पर चिल्लाया- बच्चों पर चढ़ाएगा क्या? इसके बाद दो-तीन खेत दूर जाकर बस दो-तीन बार पलटते हुए खेत में जाकर गिरी। खेत में कटाई का काम कर रहे किसान तुरंत दौड़े। बस से घायल बच्चों को निकाला। गांव से कार मंगाकर घायलों को बहरोड़ हॉस्पिटल पहुंचाया। पुलिस ने काफी देर तक फोन नहीं उठाया। हालांकि निमोर चौकी वाली पुलिस 5 मिनट में पहुंच गई थी लेकिन बहरोड़ पुलिस निकम्मी है, 40 फोन करने के बाद ओमप्रकाश नाम के व्यक्ति ने फोन उठाया। बाद में पुलिस पहुंची। घटना के बाद एक ग्रामीण ने बनाया वीडियो घटना के बाद एक ग्रामीण ने वीडियो बनाया। वीडियो में वह खेत में पलटी हुई बस दिखा रहा है। वीडियो में कहा- ये कमला पब्लिक स्कूल की बस है। देखिये अभी तक बच्चे का बैग बस के नीचे दबा है। बस की सीटों और छत पर खून के धब्बे नजर आ रहे हैं। बच्चों को चोट आई है, हॉस्पिटल भेजा है। इस गाड़ी के कागज नहीं हैं, कंडीशन ही बता रही है कि बस का हाल क्या है। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी आरोप लगाए। कहा सूचना के 1 घंटे बाद बहरोड़ शहर कोतवाली पुलिस और सदर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बहरोड़ थाने में बार-बार कॉल किया। एक सिपाही ओमप्रकाश ने फोन उठाया और कहा कि यह क्षेत्र सदर थाने के अंतर्गत आता है, इसलिए वहां संपर्क करें। ग्रामीणों ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताई। 5 साल से बस की फिटनेस नहीं हादसे में स्कूल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। बस की फिटनेस 20 जनवरी 2020 को एक्सपायर हो चुकी थी। वहीं, पॉल्यूशन, इंश्योरेंस और परमिट भी साल 2020 तक ही मान्य था। इसके बाद बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर बस को चलाया जा रहा था। स्कूल प्रशासन की लापरवाही से बच्चों की जान पर बन आई। बहरोड़ में दर्जनों स्कूल वैन ऐसी हैं, जिनका फिटनेस, इंश्योरेंस और परमिट समाप्त हो चुका है। बावजूद इसके, इन वाहनों का संचालन जारी है। बहरोड़ परिवहन विभाग में 9 अधिकारी तैनात हैं, लेकिन इसके बावजूद वाहनों की नियमित जांच नहीं की जा रही, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है। घायल बच्चे बहरोड़ हॉस्पिटल में भर्ती. छात्रा गंभीर घायल बच्चों को ग्रामीणों ने प्राइवेट वाहनों से बहरोड़ उपजिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया। कुछ परिजन बच्चों को प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। एक छात्रा गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है।

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