ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शनिवार को सीपी स्वप्न शर्मा ने 10 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स (ईआरवी) को पुलिस लाइंस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही शहर को अब 8 जोनों में बांट दिया है, जो पहले 6 थे। पहले शहर में 40 पीसीआर मोटरसाइकिल और 40 पीसीआर गाड़ियां काम कर रही थीं। अब इन 10 नई ईआरवी के जुड़ने से कुल गाड़ियों की संख्या 50 हो गई है, जो 24 घंटे शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की निगरानी करेंगी। सीपी ने बताया कि पहले 450 ट्रैफिक पुलिसकर्मी 6 जोनों में तैनात थे। लेकिन अब मुलाजिमों की संख्या 550 कर दी गई है। हर क्षेत्र में 2 थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। अब ट्रैफिक अधिकारियों को मौके पर ही निर्णय लेने की आजादी दी गई है, ताकि अगर कहीं भीड़ बढ़े तो वे तुरंत पीसीआर या अन्य जोन से स्टाफ बुला सकें। हर ट्रैफिक जोन का इंचार्ज अपने क्षेत्र की निगरानी करेगा। पहले चरण में अधिक जाम वाले 8 रास्तों पर ध्यान दिया जाएगा। 112 डायल कर ईआरवी टीम से मदद ले सकते हैं ईआरवी टीम का मुख्य काम ट्रैफिक जाम को कंट्रोल करना, रात में फंसे लोगों की मदद करना, सड़कों पर घायलों को प्राथमिक उपचार देना, लुटेरों को पकड़ना, प्रकृतिक आपदा के समय लोगों की मदद करना रहेगा। ईआरवी टीम की मदद लेने के लिए लोग 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इन गाड़ियों में तैनात कर्मचारी डिजिटल सुविधा से लैस होंगे। सभी के पास वॉकी-टॉकी सेट, छोटा वेपन और जीपीएस लगा होगा। ये रोजाना उन जगहों पर जाएंगे जहां ट्रैफिक जाम की समस्या होगी। यदि कही इन्हें मैनपावर की जरूरत पड़ेगी तो तुरंत संबंधित थाने से पुलिस से फोर्स मंगवा सकते हैं। 2-3 दिन में करीब 8 सड़कों को नो टॉलरेंस रोड घोषित किया जाएगा।


