जयपुर की सड़कों पर लापरवाही का आलम यह है कि हर घंटे 45 से ज्यादा वाहन चालक ट्रैफिक नियम तोड़ते पकड़े जा रहे हैं। बीते 365 दिनों में ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कुल 3,97,714 चालान किए। यानी औसतन हर दिन 1,090 वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई। सालभर में ओवरस्पीड के अकेले 2,75,977 चालान हुए। इसका मतलब रोज करीब 756 चालक गति सीमा तोड़ते पकड़े गए। यानी हर घंटे 30 से अधिक वाहन चालक गति सीमा तोड़ते पकड़े जा रहे हैं। सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी लोगों की लापरवाही कम नहीं हुई। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 1,07,920 चालान काटे गए। प्रतिदिन करीब 296 लोग अपनी जान जोखिम में डालते पाए गए। गलत दिशा में वाहन चलाने के 10 हजार 26 मामले सामने आए, यानी रोज लगभग 27 चालक ट्रैफिक जाम और आमने-सामने की टक्कर का खतरा बढ़ाते रहे। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने के 3791 मामले दर्ज हुए, जो औसतन रोज 10 से ज्यादा कार्रवाई को दर्शाते हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति सालभर में 38 हजार चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा आरटीओ को भेजी गई। कई ऐसे चालक मिले जिनके खिलाफ बार-बार चालान हुए, लेकिन सुधार नहीं आया। ऐसे में पुलिस अब चालान के बजाय सीधे लाइसेंस कार्रवाई पर जोर दे रही है, ताकि खतरनाक ड्राइवर सड़कों से दूर रहें। डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरडा के अनुसार सड़क सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। सीसीटीवी कैमरों, सघन चेकिंग और विशेष अभियानों से लगातार निगरानी की जा रही है। उनका कहना है कि नियमों का पालन ही हादसों को रोक सकता है। क्यों सस्पेंड हुए लाइसेंस पुलिस का आगे का प्लान


