सोमवार को ज्वाइनिंग के कुछ घंटे बाद ही भोपाल के नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर उतरे। रात में उन्होंने पुराने शहर के प्रमुख चौराहा-तिराहों का दौरा कर जमीनी हालात समझे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ही ट्रैफिक पुलिस के साथ वल्लभ भवन रोटरी पहुंचे। यहां करीब सवा घंटे तक रुके और मैनिट द्वारा तैयार किए गए रोटरी के डिजाइन की बारीकियां समझीं। निरीक्षण के दौरान यह तय हुआ कि अंबेडकर सेतु (जीजी फ्लाईओवर) से वल्लभ भवन चौराहा की ओर उतरने वाले ट्रैफिक और डीबी सिटी मॉल की तरफ से आने वाले ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सिग्नल लगाए जाएंगे। अभी दोनों दिशाओं के वाहनों के लिए एक ही सिग्नल होने के कारण ट्रैफिक की गति एक-दूसरे से प्रभावित हो रही है। मौके पर सिग्नल प्रोग्रामर को बुलाकर जल्द से जल्द सिग्नल प्रोग्रामिंग बदलने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने वल्लभ भवन चौराहा पर प्लास्टिक कोन की मदद से एक छोटी अस्थायी रोटरी बना दी, ताकि रोजमर्रा गुजरने वाले वाहनों को राहत मिल सके। तीन किमी पैदल चले, बोले- ज्यादा हैं कट पॉइंट
शाम करीब चार बजे पुलिस कमिश्नर नर्मदापुरम रोड पहुंचे। उन्होंने बागसेवनिया चौराहा से लेकर करीब तीन किमी तक पैदल भ्रमण किया। बागसेवनिया और आशिमा मॉल चौराहा ट्रैफिक के लिहाज से ब्लैक स्पॉट माने जाते हैं। इस दौरान डीसीपी जोन-2 और एसीपी ट्रैफिक भी मौजूद रहे। इंजीनियरिंग से करेंगे सुधार … निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक से जुड़ी सभी समस्याओं को संबंधित विभागों से समन्वय कर प्राथमिकता से सुलझाया जाए। वर्ष 2012 में भोपाल में एसपी प्रोटोकॉल रह चुके संजय कुमार ने कहा कि पुलिसिंग और ट्रैफिक इंजीनियरिंग के बेहतर तालमेल से व्यवस्था में ठोस सुधार किया जाएगा।


