हाईकोर्ट की निर्देश पर शनिवार को रिम्स में हुई शासी परिषद की बैठक में कोर्ट के संज्ञान में शामिल केवल 16 एजेंडों पर चर्चा की गई। पहली बार बैठक रिटायर्ड जज की निगरानी में शासी परिषद के चेयरमैन सह स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई। ये सभी वैसे एजेंडे थे जो पूर्व में हाईकोर्ट की टीम ने रिम्स में निरीक्षण के क्रम में खामियां गिनाई थी। रिम्स में वेंटिलेटर की कमी को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद तत्काल 100 वेंटिलेटर खरीद की सहमति दी गई, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा एमआरआई मशीन इंस्टॉलेशन, ट्रॉमा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने, विभिन्न वार्डों की मरम्मत आदि पर भी सहमति दी गई। बैठक में रिटायर्ड जस्टिस अमरेश्वर सहाय, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, रिनपास निदेशक, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जीबी की अगली बैठक 9 अक्टूबर को, मुख्य एजेंडों पर होगी चर्चा 60वीं जीबी की बैठक में केवल हाईकोर्ट में शामिल एजेंडों पर ही चर्चा की जा सकी। साथ ही बैठक में ही यह भी तय किया गया कि अगली बैठक 9 अक्टूबर 2025 को आयोजित होगी, जिसमें शेष बचे प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उम्मीद जताई गई कि तब तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कार्यवाही आगे बढ़ चुकी होगी। बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा… परचेजिंग की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को प्रमुख समस्या माना गया। इस देरी के कारण मरीजों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। इसके समाधान के लिए एक पारदर्शी और तेज़ परचेजिंग सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर की स्थिति पर भी विशेष फोकस किया गया। सदस्यों ने कहा कि यहां मरीजों को तुरंत और गुणवत्तापूर्ण उपचार देने के लिए आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। वहीं, रखरखाव को लेकर तकनीकी टीम को नियमित निरीक्षण और मरम्मत करने का निर्देश दिया गया। यह भी तय किया गया कि जरूरी मशीनों की खरीद और उनके प्रभावी उपयोग पर अब किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस दौरान स्पष्ट कहा कि एमआरआई मशीन की खरीद जल्द हो। प्रबंधन को यह भी निर्देश रखरखाव और साफ-सफाई के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। सदस्यों ने माना कि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और उपकरणों की नियमित देखरेख में अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए। मरीजों और परिजनों को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए रिम्स प्रबंधन को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने साफ कहा कि सरकारी ड्यूटी के दौरान बाहर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हम डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस नहीं करने के लिए नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी देते हैं। मंत्री ने इसे मरीजों के हित से जुड़ा मामला बताते हुए सख्ती बरतने की बात कही। रिम्स के डॉक्टरों को एनपीए देते हैं, निजी प्रैक्टिस बर्दाश्त नहीं : मंत्री स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में मीटिंग हुई।


