राजनीतिक दल को 2000 करोड़ रुपए का चंदा देकर 500 युवाओं के माध्यम से आयकर चोरी के मामले में अब कई चार्टर्ड अकाउंटेंट पर भी कार्रवाई होगी। झारखंड के आयकर अनुसंधान ने कर चोरी के मामले में शामिल ऐसे चार्टर्ड अकाउंटेंट को चिह्नित किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग ने अब इन चार्टर्ड अकाउंटेंट के संस्थान का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) से की है। इन्हीं चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से बेहतर पैकेज पर काम करने वाले युवाओं ने टैक्स की चोरी की। इनकम टैक्स चोरी करने के दौरान अब तक झारखंड-बिहार-नेपाल के आसपास के करीब 500 प्रोफेशनल्स की पहचान की जा चुकी है। छानबीन में खुलासा हुआ है कि राजनीतिक दल ने चंदा के नाम पर करोड़ों रुपये लिए। इसके बाद पांच प्रतिशत कमीशन लेकर शेष राशि को हवाला के माध्यम से चंदा देने वालों को वापस कर दिया। चंदा लेने वाली गुजरात की एक राजनीतिक पार्टी आम जनमत पार्टी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी हवाला के माध्यम से रुपए वापस किए थे। इस पार्टी के माध्यम से वापस की गई राशि को कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने रिश्तेदारों या खुद के खाते में नकदी जमा कराया था।


