शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर घरों से कूड़ा कलेक्शन के नाम पर 200-200 रुपए की अवैध वसूली करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। सोमवार को रणजीत विहार इलाके में 2 युवक बाकायदा रजिस्टर लेकर लोगों के घर पहुंचे। दीवारों पर क्यूआर कोड लगाने व रूटीन में कूड़ा उठाने का झांसा देकर हर माह 200 रुपए फीस देने को कहा। शक होने पर इलाके के लोगों ने पूछताछ की तो एक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे को पकड़ लिया। वहीं, रिटायर्ड कैप्टन जवाहर सिंह देवगन ने कंपनी के सुपरवाइजर बिक्रम को जानकारी दी मगर कंपनी की टीम पहुंचने से पहले दूसरा शख्स भी भाग निकला। हालांकि, इससे पहले आरोपी ने माना कि कई चौकों में घरों से 200-200 रुपए कूड़ा उठाने के नाम पर ले चुके हैं। बता दें कि इससे पहले भी अवैध वसूली के मामले सामने आ चुके हैं। मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि कूड़ा कलेक्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएंगे। हेल्थ विभाग और कंपनी के अफसरों को निर्देश देंगे कि ऐसा कोई गिरोह एक्टिव है तो कड़ी नजर रखें। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर जो भी फैसले आम लोगों के हित में लिए जा रहे उसे सार्वजनिक करें। अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार भी कराएं ताकि लोग नई कंपनी व उसके कामों के बारे जान सकें। जवाहर सिंह ने बताया कि पड़ोसी जगजीत सिंह के घर में 2 लोग रजिस्टर लेकर पहुंचे और कूड़ा उठाने के नाम पर 200 रुपए मांगने लगे। जब जानकारी मिली तो साथी सुखराज सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और रुपए देने से मना कर दिया। इस पर एक ने अपना नाम संजय तो दूसरे ने जसपाल बताते हुए खुद को कंपनी का मुलाजिम कहा। जब कंपनी के हैड को फोन करने की बात कही तो एक डरकर बाइक से भाग निकला। वहीं, दूसरे ने कबूला कि कूड़ा उठाने के नाम पर लोगों के घर जाकर अवैध वसूली करते हैं। पकड़े गए शख्स का 59 सेकंड का वीडियो एक बनाया गया, जिसमें वह कबूल कर रहा है कि उसका नाम जसपाल है। वर्कशॉप पर बैठा था तो मोनू आया और कहा वह ड्राइवर है और पर्ची काटने के लिए दे दी। उसने कहा कि उसके साथ चले और कोई इलाका दिखा दे। कितने पैसे वसूले यह तो पता नहीं मगर 2 चौकों में कई घरों से लिए हैं। बता दें कि पहले भी अवर्डा कंपनी की जाली पर्ची पर रेट 50 की जगह 100-100 रुपए की वसूली होती रही है जिसका खुलासा दैनिक भास्कर ने बीते 8 अक्टूबर 2025 फिर 4 दिसंबर 2025 को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद वसूली तो बंद हो गई लेकिन अवैध वसूली करने वालों का पता निगम अफसर नहीं लगा पाए थे। एएसआर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डायरेक्टर राजीव अरोड़ा ने कहा कि कूड़ा उठाने को लेकर अब पहले की तरह हाथ से लिखी कोई भी पर्ची मान्य नहीं है। वसूली के लिए एक्सिस बैंक की पीओएस मशीन लेकर कंपनी के मुलाजिम जाएंगे। ऑनलाइन पर्ची निकलेगी जिसमें कंपनी के बारे व रेट भी दिया रहेगा। यदि अवैध तरीके से कोई वसूली कर रहा तो शिकायत दें। तत्काल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। वहीं कंपनी के सुपरवाइजर बिक्रम ने कहा कि कूड़ा कलेक्शन के नाम पर 200 रुपए वसूली करने की शिकायत को लेकर दोपहर 1:12 बजे फोन आया था। जिसके बाद अपने इंचार्ज लखविंदर को जानकारी दी। जब शिकायतकर्ता को दोपहर 1:19 बजे फोन किया कि टीम के साथ आ रहे हैं, तो बताया गया कि आरोपी भाग निकला है। मामला कंपनी के उच्च अफसरों के ध्यान में ला दिया है।


